सीबीआई आज यानी सोमवार को दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करेगी। सिसोदिया की रविवार को दिल्ली के आबकारी नीति घोटाले के मामले में सीबीआई ने गिरफ्तारी की थी। इससे पहले केंद्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया से करीब 8 घंटे की पूछताछ की थी।
हालांकि पूछताछ के दौरान सिसोदिया सीबीआई के सवालों को जवाब सही से नहीं दे पाए। डिप्टी सीएम की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान उनके परिवार वालों से मिलने पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा पर कई आरोप लगाया। आम आदमी पार्टी के नेता देशभर में आज विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के नेताओं ने बीजेपी दफ्तर का घेराव करने का प्लान बनाया है।
सिसोदिया के वकील ने पूछा कि एलजी ने क्यों दी नीति को मंजूरी
सिसोदिया के वकील माथुर ने कहा कि अगर मान लिया जाये मनीष ने नीति में साजिश की तो दिल्ली के विशेष राज्य के दर्जे के तहत एलजी ने इसे मंजूरी क्यों दी। माथुर ने कहा कि एजेंसी सिर्फ नीति के लागू होने की जांच कर रही है। माथुर ने कहा कि 5 से 12 प्रतिशत मुनाफा का आरोप लगाया जा रहा है, लेकिन वो नोट का हिस्सा मात्र था, जो एलजी को भेजा गया था।
मनीष सिसोदिया की रिमांड को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई जारी
मामले को लेकर कोर्ट में सीबीआई के वकील ने कहा कि मनीष सही जवाब नहीं दे रहे है, लेकिन ये रिमांड की मांग करने का आधार नहीं है। साथ ही एजेंसी ने कहा कि मनीष जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और तथ्यों को छिपा रहे हैं। इसके बाद सिसोदिया की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहित माथुर ने कहा कि एलजी ने नीति को मंजूरी दी, लेकिन एजेंसी इसे नहीं देख रही है। एलजी ने इस पर राय भी दी थी और विशेषज्ञों से भी पूछा था।
सिसोदिया के वकील ने दी दलील- सीबीआई के पास नहीं है रिमांड की मांग का आधार
सिसोदिया की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दयन कृष्णन ने कहा कि मनीष वित्त मंत्री हैं। आबकारी नीति के मामले को नौकरशाहों ने देखा, इसमे मनीष का रोल नहीं है। जहां तक रिमांड की बात है तो एजेंसी के पास रिमांड की मांग करने का आधार नहीं है।