Category: शिक्षा

  • आधी रात को जेएनयू के छात्रों में हुई हिंसक झड़प | रात दो छात्र समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प :जेएनयू

    आधी रात को जेएनयू के छात्रों में हुई हिंसक झड़प | रात दो छात्र समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प :जेएनयू

    आधी रात को जेएनयू के छात्रों में हुई हिंसक झड़प,कई घायल

    नई दिल्ली | राजनीति की पाठशाला कहा जाने वाला जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय अब हिंसक झड़क का ठिया बनने लगा है। आए दिन विवाद और झगड़े होते नजर आते हैं। बीती रात जेएनयू में भाषा संस्थान में चुनाव समिति के सदस्यों के चयन को लेकर गुरुवार रात दो छात्र समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प में कुछ छात्र घायल हो गए। छात्र गुटों में मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि झड़प में घायल कुछ छात्रों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का एक कथित वीडियो(अपुष्ट) सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति कुछ छात्रों को छड़ी से पीटता दिखाई दे रहा है वहीं एक अन्य क्लिप में एक व्यक्ति छात्रों पर साइकिल फेंकते दिखाई दे रहा है।

    जेएनयू में 2024 के जेएनयू छात्र संघ चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग के सदस्यों को चुनने के लिए साबरमती ढाबे पर विश्वविद्यालय आम सभा की बैठक (यूजीबीएम) बुलाई गई थी, तभी छात्र गुटों में झड़प हो गई थी। वाम दल से संबद्ध  डीएसएफ ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के सदस्य मंच पर चढ़ गए और उन्होंने परिषद के सदस्यों तथा वक्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की। घटना के बाद सोशल मीडिया पर दोनों गुटों द्वारा शेयर किए गए वीडियो में एबीवीपी और जेएनयू छात्र संघ के सदस्यों को नारेबाजी के बीच बहस करते हुए देखा गया था।

    वहीं घटना के एक अन्य कथित वीडियो में भी कुछ लोग अन्य लोगों के साथ मार-पीट करते दिखाई दे रहे हैं और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी उन्हें बचाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और वामपंथी समूहों के छात्रों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही घायल छात्रों की संख्या के बारे में कोई जानकारी मिल सकी है।

    बता दें कि, जेएनयू में छात्र गुटों में झड़प का यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते महीने 10 फरवरी को बी जेएनयू कैंप में छात्र संघ चुनाव कराने को लेकर बुलाई एक बैठक के दौरान एबीवीपी और लेफ्ट गुट के बीच झड़प हो गई थी। जिसमें दोनों पक्षों ने अपने कुछ सदस्यों के घायल होने का दावा किया था। दोनों पक्षों ने इस झड़प के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे।

     

     

  • जेयू पीएचडी की परीक्षा

    जेयू पीएचडी की परीक्षा

    ( ग्वालियर ) जेयू पीएचडी की परीक्षा 31 मार्च को
    जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा 31 मार्च को पीएचडी की परीक्षा आयोजित कराई जा रही है। इसकी अधिसूचना विवि द्वारा जारी कर दी गई है। इसमें 36 विषयों में 505 सीटों के लिए यह प्रवेश परीक्षा होगी।
    स्नातकोत्तर डिग्री में 55 प्रतिशत अंकों के साथ पास होने वाले विद्यार्थी पीएचडी में प्रवेश फार्म भरने के लिए पात्र होंगे। जो उम्मीदवार पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम के अपने परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, वे भी परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा कंप्यूटर आधारित हो पाई थी।
    यह परीक्षा केवल एक योग्यता परीक्षा है। परीक्षा उत्तीर्ण करना पीएच.डी. में प्रवेश की गारंटी नहीं देता है। यह पीएच.डी. में प्रवेश कार्यक्रम संबंधित विषय में पर्यवेक्षक की उपलब्धता पर निर्भर करता है। एक उम्मीदवार को आम तौर पर पीएचडी के लिए काम करने की अनुमति दी जाएगी। उस विषय में डिग्री जिसमें उसने मास्टर डिग्री प्राप्त की है। काउंसलिंग के समय सीटों की संख्या भिन्न हो सकती है।

  • आज का इतिहास

    आज का इतिहास

    आज का इतिहास

  • इसरो को मिली बड़ी कामयाबी | सीई 20 क्रायोजेनिक इंजन ह्यूमन रेटिंग में पास | सीई-20 क्रायोजेनिक इंजन की ह्यूमन रेटिंग सफलतापूर्वक

    इसरो को मिली बड़ी कामयाबी | सीई 20 क्रायोजेनिक इंजन ह्यूमन रेटिंग में पास | सीई-20 क्रायोजेनिक इंजन की ह्यूमन रेटिंग सफलतापूर्वक

    इसरो को मिली बड़ी कामयाबी: सीई 20 क्रायोजेनिक इंजन ह्यूमन रेटिंग में पास
    इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) को एक ओर बड़ी कामयाबी मिली है। सीई-20 क्रायोजेनिक इंजन की ह्यूमन रेटिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।ये इंजन गगनयान मिशन का एक अहम कंपोनेंट है। सीई 20 इंजन को ह्यूमन रेटिंग स्टैंडर्ड के मुताबिक, चार इंजन पर कुल 8810 सेकंड तक के लिए 39 हॉट फायरिंग टेस्ट किए गए। गगनयान की पहली अनमैन्ड फ्लाइट इस साल के दूसरे क्वार्टर के लिए प्रायोजित है। ये इंजन ह्यूमन रेटेड एलवीएम 3 व्हीकल की अपर स्टेज को पावर करेगा। इसकी थ्रस्ट कैपेसिटी 19 से 22 टन की है। ये इंजन गगनयान के एलवीएम 3 लॉन्च व्हीकल के क्रायोजेनिक स्टेज को पावर करेगा। इसरो के एक अधिकारी के मुताबिक, ग्राउंड क्वालिफिकेशन टेस्ट का फाइनल राउंड 13 फरवरी 2024 को पूरा हो गया है। फाइनल टेस्ट के तहत इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स के हाई ऑल्टीट्यूड टेस्ट फैसिलिटी में वैक्यूम इग्निशन टेस्ट किया गया। इससे पहले 6 टेस्ट हो चुके हैं। ग्राउंड क्वालिफिकेशन टेस्ट के तहत पहले सामान्य ऑपरेटिंग कंडीशंस में लाइफ डेमोनस्ट्रेशन टेस्ट, एनड्यूरेंस टेस्ट और परफॉर्मेंस असेसमेंट किया गया। इसके बाद यही सारे टेस्ट असामान्य कंडीशंस में भी किए गए। इसके साथ ही सारे ग्राउंड क्वालिफिकेशन टेस्ट पूरे हो गए। गगनयान में 3 दिनों के मिशन के लिए 3 सदस्यों के दल को 400 किमी ऊपर पृथ्वी की कक्षा में भेजा जाएगा। इसके बाद क्रू मॉड्यूल को सुरक्षित रूप से समुद्र में लैंड कराया जाएगा। ये मिशन अगले साल की शरुआत के लिए प्लान किया गया है।

  • साहित्यकारों का सम्मान- माता सरस्वती और हमारी मातृभाषा हिन्दी का सम्मान है | अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह

    साहित्यकारों का सम्मान- माता सरस्वती और हमारी मातृभाषा हिन्दी का सम्मान है | अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह

    हमारी 23 वाॅं.अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह दिनांक -18-फरवरी 2024.को भोपाल के आपूर्ति हाल में वरिष्ठ साहित्यकार शिक्षाविद् मध्यप्रदेश निराला सृजनपीठ के पूर्व निदेशक डा.देवेन्द्र दीपक जी की अध्यक्षता एवं रामायण केन्द्र के अध्यक्ष तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र.तीर्थ दर्शन एवं मेला प्राधिकरण भोपाल डा.राजेश श्रीवास्तव जी मुख्यअतिथि रहे तथा डा.प्रभा मिश्रा विशेष
    अतिथि रहीं।।

    मंचस्थ अतिथियों ने माॅं सरस्वती का पूजन अर्चन कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। बैतूल के साहित्यकार श्री गुरबक्स बुखारे जी ने सरस्वती वंदना का साजबाज सहित पाठ किया।
    तुलसी साहित्य अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.मोहन मोहन तिवारी आनंद ने स्वागत भाषण के साथ अकादमी की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

    मंचस्थ अतिथियों के स्वागत के बाद तुलसी साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित स्मारिका, डा.एन.एस. चौहान के काव्य संग्रह शुभ प्रेरणा, मधुलिका श्रीवास्तव के बाल काव्य संग्रह का लोकार्पण किया गया।

    अब बारी थी अलंकरणों की जिसमें सर्वप्रथम मातृशक्ति को सम्मानित किया गया – परम् विदुषी निशा भार्गव नोएडा को रत्नावली शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया। इसके बाद श्रीमती रेखा लोढ़ा भीलवाड़ा को स्व.श्रीमती नंदा दीवान स्मृति रत्नावली सम्मान। श्रीमती शशि दीक्षित मृगांक सागर को स्व.श्रीमती जनक दुलारी तिवारी स्मृति रत्नावली सम्मान। श्रीमती ज्योति जैन इन्दौर को
    श्रीमती विमला तिवारी स्मृति रत्नावली सम्मान,डा.प्रीति प्रसाद बिलासपुर को डॉ. उपासना सक्सेना स्मृति रत्नावली सम्मान। श्रीमती संगीता बनाफर बिलासपुर छत्तीसगढ़ को स्व.श्रीमती धापू बाई चौहान स्मृति रत्नावली सम्मान, डा.अनीता सिंह बिलासपुर को स्व.श्रीमती रीता भार्गव स्मृति रत्नावली सम्मान,
    सुश्री शिल्पी दिवाकर भोपाल
    श्रीमती कमल चंद्रा,भोपाल, श्रीमती सुधा दुबे, भोपाल,
    डॉ. वंदना मिश्रा , भोपाल, डाॅ.रानू राठौर रूही, जबलपुर, श्रीमती विनीता पैगवार, जबलपुर, श्रीमती इंदु सिन्हा इन्दु, रतलाम, श्रीमती छाया त्रिवेदी, जबलपुर,
    श्रीमती सारिका अनूप जोशी महेश्वरी जिला खरगोन को रत्नावली सम्मान से सम्मानित किया गया।

    दूसरे क्रम में डा. खेमसिंह डेहरिया, कुलपति अटल बिहारी हिन्दी विश्वविद्यालय भोपाल तथा वरिष्ठ शिक्षाविद् पूर्व संयुक्त संचालक मध्यप्रदेश शासन शिक्षा विभाग
    डॉ. राजेश तिवारी को तुलसी शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया।

    कर्नल डा.गिरजेश सक्सेना भोपाल को स्व. श्री कृष्णदत्त द्विवेदी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, स्मृति तुलसी सम्मान , डा.प्रेमचंद्र पाण्डेय भागलपुर बिहार को उस्ताद शंकर लाल पटवा स्मृति तुलसी सम्मान, डा.रघुराज सिंह कर्मयोगी कोटा राजस्थान को स्व.श्री श्रीकिशन पटेल स्मृति तुलसी सम्मान, डा.राघवेन्द्र कुमार दुबे बिलासपुर छत्तीसगढ़ को स्व.श्री कन्हैयालाल तिवारी स्मृति तुलसी सम्मान,
    श्री राजेन्द्र पाण्डेय बिलासपुर छत्तीसगढ़ को स्व.श्री रमेश तिवारी पत्रकार स्मृति तुलसी सम्मान , डा.विपुलश्रीवास्तव नई दिल्ली को स्व. डाॅ. चंद्रभूषण दीवान स्मृति तुलसी सम्मान,
    डा. अनिल कुमार कोरी – जबलपुर,श्री रणजीत सिंह परिहार, छिंदवाड़ा, श्री मुजफ्फर इकबाल सिद्दीकी भोपाल, श्री बसंत कुमार शर्मा,जबलपुर, डॉ. सैयद मकबूल अली- जबलपुर, श्री राजीव जैन, भोपाल, श्री श्रीकांत जैन गुड़ा, मण्डी बामौरा जिला सागर, डॉ.प्रमोद शंकर सोनी,भोपाल, श्री अरविंद मिश्र, भोपाल,
    श्री बिहारी लाल सोनी अनुज, भोपाल, को तुलसी सम्मान प्रदान कर अलंकृत किया गया।

    मंचस्थ अतिथियों के उद्बोधन में मुख्य अतिथि डा.राजेश श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि एक भव्य आयोजन में एक साथ 18 महिला लेखिकाओं को रत्नावली सम्मान तथा 17 पुरुष से साहित्यकारों को तुलसी सम्मानों से अलंकृत किया जाना एक बहुत ही बड़ा श्रमसाध्य कार्य है जो तुलसी साहित्य अकादमी 23 वर्षों सतत् करती आ रही है। मैं संस्था के पदाधिकारियों को बधाई देता हूॅं।

    अलंकरण समारोह के अध्यक्ष डा.देवेन्द्र दीपक ने अपने उद्बोधन में कहा कि साहित्यकारों का सम्मान माता सरस्वती का सम्मान है हिन्दी बांड्ग्मय का सम्मान है।
    पुरस्कार और सम्मान रचनाकारों में नवीन उत्साह बढ़ाने के साथ साहित्यकार में जिम्मेदारी का एहसास बढ़ाने का कार्य करते हैं।
    तुलसी साहित्य अकादमी विगत 23 वर्षों से यह सराहनीय कार्य करती आ रही जिनमें अहिन्दी भाषी प्रांतों के रचनाकारों का सम्मान करना हिन्दी को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट कार्य है जिसकी प्रशंसा की जानी चाहिए।

    अंत में अकादमी के महासचिव डा.शिवकुमार दीवान ने सभी का आभार व्यक्त किया।
    अंत में हमारे बीच से दिवंगत हुए डा.धनंजय वर्मा,नवल जायसवाल,डा.उपासना सक्सेना,कु.रिया शर्मा, पंवार राजस्थानी जीडा.कृपाशंकर तिवारी जी को श्रृद्धांजलि देकर दो मिनट का मौन रख कार्यक्रम समाप्त हुआ

  • विश्व पृथ्वी दिवस की पूर्व संध्या पर ‘विद्यार्थी, विज्ञान और आर्ट’ थीम पर कार्यक्रम का आयोजन

    विश्व पृथ्वी दिवस की पूर्व संध्या पर ‘विद्यार्थी, विज्ञान और आर्ट’ थीम पर कार्यक्रम का आयोजन

    भोपाल -जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित बावड़िया कला स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय (गुरुकुलम्) विद्यालय में शुक्रवार शाम ‘इनवेस्ट इन अवर प्लानेट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की थीम ‘विद्यार्थी, विज्ञान और आर्ट’ रही। विश्व पृथ्वी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में  नई दिल्ली स्थित ‘विज्ञान प्रसार’ द्वारा तैयार लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। लघु फिल्म ‘मैं भारत’ में विद्यार्थियों को आदर्श नागरिक बनने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में बताया गया। वहीं, लघु फिल्म ‘अर्थ’ में उन्हें पृथ्वी और पर्यावरण का महत्व व संरक्षण के बारे में बताया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्रमुख सचिव सुधा चौधरी ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और जागरुकता के लिए उनके कर्तव्यों पर उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि मैंने बतौर आई.ए.एस. अफसर पर्यावरण से जुड़े कई श्रमदान अभियानों की पहल की जिसके व्यापक परिणाम भी मिले। दरअसल, पृथ्वी के लिए श्रमदान के साथ-साथ शर्मदान करना भी जरूरी है ताकि हम पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में सहयोग करते समय शर्म ना महसूस करें।
    कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के प्रिंसिपल साइंटिस्ट विकास शेन्दे ने विद्यार्थियों को क्लाइमेट चेंज और उसमें मनुष्य की भूमिका विषय पर संबोधित किया। साथ ही, ‘मैं भारत’ और ‘अर्थ’ लघु फिल्म के निर्माता व लेखक डॉ. सुधीर आजाद ने फिल्म और पर्यावरण के प्रति विद्यार्थियों की संवेदनशीलता विकसित करने पर उद्बोधन दिया। बाल शिक्षा विशेषज्ञ और लेखिका परि जोशी ने विद्यार्थियों को पृथ्वी से जुड़े विषयों पर चेतना विकसित करने के बारे में अपनी बात रखी। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों से संवाद भी किया। इस अवसर पर जनजातीय विद्यार्थियों ने गोंडी नृत्य और गीत के साथ ‘लहरा दो तिरंगा…’ पर नृत्य प्रस्तुति भी दी। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. यशपाल सिंह ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलवाई।

  • पूर्वोत्तर के राज्यों का भी भ्रमण करें: श्री सेमा

    पूर्वोत्तर के राज्यों का भी भ्रमण करें: श्री सेमा

    भोपाल, 16 फरवरी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जी अखेतो सेमा ने कहा कि पूर्वोत्तर को भारत से जोड़ने के लिए मेन-टू- मेन कनेक्शन के साथ हैण्ड होल्डिंग भी की जानी चाहिए। इस दिशा में और भी अधिक प्रयास की जाने की आवश्यकता है। पूर्वोत्तर के हरित क्षेत्र को बचाने के लिए ग्रीन ट्रेडिंग शुरू की जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिल्म, टीवी के माध्यम से कम्युनिकेशन विकसित कर पूर्वोत्तर के लोगों के भाव को भी प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शेष भारत के नागरिकों को भी पूर्वोत्तर के राज्य देखना चाहिए। यहाँ बहुत सुंदर प्रदेश हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के प्रदेश में बहुत सी समस्याएं हैं, लेकिन खूबियां भी बहुत हैं। उत्तर-पूर्व के राज्यों में भारत की चार प्रदेश आबादी निवास करती है और लगभग आठ प्रतिशत क्षेत्रफल वहां है।
    श्री सेमा आज समन्वय भवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के अंतर राज्य छात्र जीवन दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2023 में उत्तर पूर्व के राज्यों से आए 29 विद्यार्थियों के नागरिक अभिनन्दन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
    कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री गोविंद नायक ने कहा कि अंतर राज्य छात्र जीवन दर्शन एक विशिष्ट उद्देश्य को लेकर के प्रारंभ किया गया। 1962 में चीन युद्ध के बाद प्रोफेसर परांजपे जब पूर्वोत्तर के दौरे पर गए तो उन्हें वहां लोगों ने उनसे पूछा कि क्या भारत से आए? इसके बाद प्रो परांजपे ने 39 विद्यार्थियों को अरुणाचल से मुंबई पढ़ने के लिए आमंत्रित किया। ये विद्यार्थी तीन-चार सालों तक मुंबई और पुणे के विभिन्न परिवारों में रहे। बाद में इन्हीं में से विद्यार्थी गेगांग अपांग अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। प्रो परांजपे ने इस तरीके के कार्यक्रमों को एकात्मता के साथ भाव से भी जोड़ने के लिए अंतर राज्य छात्र जीवन दर्शन का प्रारंभ किया।
    उन्होंने कहा कि पिछले 56 वर्षों में सिल यात्रा पर आए पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों ने देश प्रेम के अनोखे उदाहरण प्रस्तुत किए। अरुणाचल में एक विद्यार्थी ने डॉक्टर बनने के बाद मुंबई के तांबे परिवार के नाम पर अपना क्लीनिक खोला। विद्यार्थी परिषद ने 2004 में उत्तर-पूर्व के विद्यार्थियों को कौशल विकास प्रदान करने के उद्देश्य से युवा विकास केंद्र प्रारंभ किया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को छोटे-छोटे रोजगार और स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
    सिल टूर कार्यक्रम की सराहना करते हुए महापौर श्रीमती मालती राय ने कहा कि इस तरीके के कार्यक्रमों से लोग भारत के सच्चे नागरिक बन सकेंगे एवं भारत को एक सूत्र में बांध सकेंगे। नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी ने सिल टूर के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ता जो नारे लगते है, सिल टूर के माध्यम से वही साकार रूप में नजर आ रहे है।
    विद्याथियों ने साझा किए अनुभव: पूर्वोत्तर से आने वाले विद्यार्थियों द्वारा चार दिवसीय यात्रा के दौरान भोपाल के शैक्षणिक एवं सामाजिक अनुभव प्राप्त किए। तीन दिवसीय इस यात्रा के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा रेलवे स्टेशन पर ढोल-नगाड़े और तिलक लगाकर परंपरागत तरीके से भव्य स्वागत किया गया। स्वागत के पश्चात इन प्रतिनिधियों का एकत्रीकरण एवं कार्यकर्ताओं से परिचय करवाया गया, इन प्रतिनिधियों को 18 अलग-अलग परिवारों में ठहराया गया, जहां इनके रात्रि भोजन एवं विश्राम की व्यवस्था थी।
    14 फरवरी को इन प्रतिनिधियों द्वारा शोर्य स्मारक जाकर शहीदों को सार्धांजलि अर्पित की गई। वहीं 15 फरवरी को प्रतिनिधियों द्वारा शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों विश्वविद्यालय के कुलपति एवं वहा विद्यार्थियों के साथ संवाद रखा गया। इसी दिन इन प्रतिनिधियों का समूह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान से भेट की और उनके साथ अब तक के इस यात्रा के अनुभवों को साझा किया।
    16 फरवरी को इन प्रतिनिधियों द्वारा अलग-अलग समूहों में भोपाल शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में विजिट किया यहां की शैक्षणिक पद्धति शैक्षणिक वातावरण को इन प्रतिनिधियों ने बहुत सराहा। इसके साथ ही पत्रकारों के साथ SEIL टूर में अनुभव साजा करते हुए अरूणांचल के ‘केसंग चिरोजो’ बताते हैं की मध्य प्रदेश घूमने का अनुभव उन्हें काफ़ी अच्छा लगा वे बताते हैं की भोपाल बहुत खूबसूरत है यहां के लोग बहुत विनम्र है। वहीं त्रिपुरा से आई ‘संजना तमाई’ बताती है कि जिन परिवारों में वे रुकी हुई है उन परिवारों में उनका बहुत ख्याल रखा। उत्तरपूर्व के विभिन्न प्रदेशों से आए विद्यार्थी अलग–अलग परिवारों में रुके हुए है। वहीं पत्रकारों से बात करते हुए असम की अनामिका राभा बताती है की प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निवास पर उन्हें बहुत अच्छा लगा।