Category: धर्म-समाज

  • ( भिंड )  सामूहिक विवाह सम्मेलन  8 मार्च को

    ( भिंड )  सामूहिक विवाह सम्मेलन  8 मार्च को

    ( भिंड )  सामूहिक विवाह सम्मेलन  8 मार्च को

    कांक्सी मंदिर में 8 मार्च को सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। उक्त कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर  मंदिर परिसर में बैठक का आयोजन हुआ।

     

    बैठक में डॉ. ओम पचौरी ने बताया कि महामंडलेश्वर महंत रामदास महाराज के सानिध्य में निव्या बंधन सर्वजातीय शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सामूहिक विवाह सम्मेलन में समाज के गरीब परिवारों के बेटे-बेटियों के विवाह

     

    संपन्न कराए जाएंगे। सम्मेलन में दहेज प्रथा जैसी बुराई को दूर किया जा सकता है। अगले सामूहिक सर्वजातीय विवाह सम्मेलन के आयोजन के लिए कार्यालय में वर एवं वधु पक्ष की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चालू है। इस मौके पर फक्कड़ बाबा, प्रदीप राणा, संदीप राणा आदि मौजूद रहे।

  • जूनागढ़ में महाशिवरात्रि के मेले का शुभारंभ

    जूनागढ़ में महाशिवरात्रि के मेले का शुभारंभ

    (जूनागढ़) भवनाथ के मेले में गलती से भी ना लाएं प्लास्टिक की चीज वस्तुएं, वर्ना होगी दंडनीय कार्रवाई
    आगामी 5 मार्च से जूनागढ़ में महाशिवरात्रि के मेले का शुभारंभ होगा| चार दिन चलने वाले इस मेले को लेकर जोरदार तैयारियां की जा रही हैं| भवननाथ की तलहटी में होनेवाले मेले में आनेवाले श्रद्धालु गलती से प्लास्टिक की चीज वस्तुएं लेकर ना आएं, वर्ना उनके खिलाफ दंडनीय कार्यवाही हो सकती है| गौरतलब है जूनागढ़ के गिरनार पर्वत श्रृंखला की तलहटी में भवनाथ महादेव का मंदिर है, जहां स्वयंभू शिवलिंग है| मंदिर के पास मृगी कुंड है, जिसमें स्नान करने का बहुत महत्व है| यह कुंड साल में 4 घंटे कि ले खुलता है| यहां अयोध्या और वृंदावन की तरह भक्त 36 किलोमीटर की गिरनार परिक्रमा करते हैं|
    जूनागढ़ का विश्व प्रसिद्ध महाशिवरात्रि मेला 5 मार्च को प्रारंभ होकर 8 मार्च तक चलेगा। जिसमें लाखों लोग आएंगे| आध्यात्मिक एवं पौराणिक महत्व के प्रसिद्ध महाशिवरात्रि मेले का विधिवत उद्घाटन 5 मार्च को होगा, मेला 8 मार्च तक चलेगा| इस बार भवनाथ मेले में लाखों लोगों के उमड़ने की संभावना है| मेले को लेकर प्रशासनिक तंत्र भी कमर कस चुका है| सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए उचित व्यवस्था और सुविधाएं की गई हैं। जूनागढ़ जिला प्रशासन ने महाशिवरात्रि मेले में आने वाले लोगों से प्रतिबंधित प्लास्टिक की वस्तुएं न लाने का अनुरोध किया है| इस संबंध में उप वन संरक्षक अक्षय जोशी ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के अनुसार प्लास्टिक पर प्रतिबंध का प्रावधान है। जिसके कार्यान्वयन के लिए 3 स्टेशन टीमें और 3 मोबाइल टीमें गठित की गई हैं| स्टेशन टीमें गिरनार पर्वत की नई और पुरानी सीढ़ियों के अलावा दातार के प्रवेश द्वार पर काम कर रही हैं और प्लास्टिक को गिरनार में जाने से रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर रही हैं| प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए 3 मोबाइल टीमें काम करेंगी| इन 3 मोबाइल टीमों में वन विभाग, पुलिस, नगर निगम और पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। यह टीम महाशिवरात्रि मेला सहित क्षेत्र का दौरा कर प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगी| इसके अलावा इस कानून को लागू करने में सहयोग न करने पर जुर्माने समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी|
    गिरनार अभयारण्य के अलावा, भवनाथ तलहटी सहित पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 27 गांवों में प्लास्टिक पूरी तरह से प्रतिबंधित है। गिरनार सीडी पर हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती भाषा के अलावा चूंकि सविशेष दत्तात्रेय भगवान के दर्शन के लिए महाराष्ट्र से श्रद्धालु आते हैं, इसलिए मराठी में भी साइन बोर्ड बैनर लगाए गए हैं और करीब 250 कूड़ेदान रखे गए हैं| अभियान को योजनाबद्ध तरीके से संचालित करने के लिए प्रांतीय अधिकारी, उप जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त और एसीएफ की 1 समिति का गठन किया गया है। प्लास्टिक से प्रकृति और पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए रैलियां, विभिन्न प्रतियोगिताएं, प्रकृति शिक्षा शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही बैनर, होर्डिंग, भीतसूत्र के माध्यम से जागरूकता के लिए आवश्यक उपाय किये जायेंगे|

     

  • प्रधानमंत्री कल वैदिक घड़ी का करेंगे लोकार्पण | उज्जैन में स्थापित है विश्व की पहली वैदिक घड़ी

    प्रधानमंत्री कल वैदिक घड़ी का करेंगे लोकार्पण | उज्जैन में स्थापित है विश्व की पहली वैदिक घड़ी

    (भोपाल) प्रधानमंत्री कल वैदिक घड़ी का करेंगे लोकार्पण
    उज्जैन में स्थापित है विश्व की पहली वैदिक घड़ी
    देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल (29 फरवरी) को विश्व की पहली वैदिक घड़ी का लोकार्पण वर्चुअल रूप से करेंगे। यह वैदिक घड़ी उज्जैन शहर के के जीवाजी वेधशाला परिसर में स्थापित की गई है। वैदिक घड़ी की स्थापना नगर निगम द्वारा एक करोड़ 47 लाख रुपये खर्च कर बनाए टावर पर की गई है। वैदिक घड़ी, 30 मूहूर्त के साथ भारतीय मानक समय और ग्रीनविच मिन टाइम बताएगी। इसके बैकग्राउंड में देश-दुनिया के खूबसूरत पर्यटन स्थलों की तस्वीर दिखेगी। शहर के तापमान, हवा की गति, मौसम की जानकारी भी मिलेगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री यहां 6265 करोड़ के अन्य 689 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। मुख्य कार्यक्रम भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर होगा, जिसका लाइव प्रसारण सभी जिला और नगरीय निकाय मुख्यालय पर होगा। मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव उपस्थित रहेंगे। सबसे खास बात ये है कि प्रस्तावित लोकार्पण एवं भूमिपूजन की सूची में पहली बार एक लाख रुपये तक के सड़क, नाली, शेड निर्माण जैसे अनेक कार्यों को भी शामिल किया गया है। उज्जैन-दक्षिण विधानसभा क्षेत्र, प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव का विधानसभा क्षेत्र है। यहां 127 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और तीन निर्माण कार्यों (वैदिक घड़ी, संजीवनी क्लिनिक, होम्योपैथी औषधालय भवन) का लोकार्पण प्रस्तावित है। यहीं से विक्रम नगर रेलवे स्टेशन के समीप उज्जैन विकास प्राधिकरण की आकार लेने वाली टीडीएस-3 और टीडीएस-4 आवासीय योजना का भूमिपूजन भी किया जाएगा। उज्जैन-उत्तर विधानसभा क्षेत्र में जिला चिकित्सालय परिसर में बनाए आयुष विंग कार्यालय और वार्ड 33 के भिक्षुक गृह में बनाए संजीवनी पाली क्लिनिक भवन का लोकार्पण किया जाएगा। 18 भिन्न निर्माण कार्यों का भूमि पूजन किया जाएगा। इसी समय उज्जैन दक्षिण, घटि्टया, तराना, बड़नगर, खाचरौद में नर्मदा-गंभीर का पानी पहुंचाने के लिए 1462 करोड़ रुपये की नर्मदा-गंभीर समूह जल प्रदाय योजना का भूमि पूजन भी किया जाएगा। याद रहे कि वैदिक घड़ी का लोकार्पण पहले 1 मार्च को प्रस्तावित था। विक्रमोत्सव- 2024 के आमंत्रण पत्र में इसका लेख भी किया गया था।

  • उज्जैयनी विक्रम व्यापार मेले का आयोजन तेजी से जारी |

    उज्जैयनी विक्रम व्यापार मेले का आयोजन तेजी से जारी |

    उज्जैयनी विक्रम व्यापार मेले की सभी तैयारियां तेजी से जारी
    आगामी 1 मार्च से 9 अप्रैल तक उज्जैयनी विक्रम व्यापार मेले का आयोजन उज्जैन में सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग विभाग, उद्योग नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग,जिला प्रशासन उज्जैन और नगर पालिका निगम उज्जैन के माध्यम से किया जा रहा है। मेले के लिए नगर पालिका निगम उज्जैन को नोडल एजेंसी बनाया गया है। मेले का आयोजन कुल 8 हेक्टेयर भूमि पर किया जाएगा। जिसमें ऑटोमोबाइल्स इलेक्ट्रॉनिक्स एवं फूड जोन दशहरा मैदान पर, व्यावसायिक दुकान ,ऑटोमोबाइल्स झूला एवं फूड जोन पीजीबीटी मैदान पर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कालिदास अकादमी त्रिवेणी संग्रहालय पॉलिटेक्निक मैदान में किया जाएगा। कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह द्वारा कार्यक्रमों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही हैं। सभी अधिकारियों को समय से पहले सौपे गए दायित्व को पूरा करने की निर्देश दिए गए हैं।
    :: उज्जैयनी विक्रम व्यापार मेले का प्रमुख उद्देश्य ::
    प्रदेश के उद्यमियों /व्यापारियों को विपणन के अवसर प्रदान करना के साथ ही प्रदेश के सभी क्षेत्रों को संतुलित औद्योगिक एवं व्यापारिक विकास, निवेश एवं व्यापार को प्रोत्साहन एवं उनकी संभावनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार क्षेत्रीय उत्पादों को प्रोत्साहन एवं संस्कृति कला और पर्यटन को प्रोत्साहन देना हैं।
    :: उज्जैयनी विक्रम व्यापार मेले का मुख्य आकर्षण ::
    उज्जैयनी विक्रम व्यापार मेले का मुख्य आकर्षण गैर परिवहन वाहनों तथा छोटे परिवहन वाहनों पर पंजीयन शुल्क एवं रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, विभिन्न कम्पनियों के गैर परिवहन वाहनों एवं परिवहन वाहनों, गारमेन्टस एवं अन्य उपकरणों का उचित मूल्य पर विक्रय किया जाना,प्रदेश एवं देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट व्यंजनों से संबंधित स्टॉल्स सांस्कृतिक एवं अन्य मनोरंजन कार्यक्रम और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र और कुटीर एवं ग्रामोद्योग के लिए डेडीकेटेड स्थान हैं।
    :: पार्किंग व्यवस्था ::
    मेला अवधि के दौरान विक्रम कीर्ति मंदिर के पास से गाड़ियों का आवागमन बंद किया जाकर कीर्ति मंदिर को एवं उसके समीप यूनिवर्सिटी मैदान को पार्किंग के लिए उपयोग किया जाएगा। मेला के व्यापारियों के लिए पृथक पार्किंग स्थल रहेगा। जीडीसी कॉलेज एवं डाइट की भूमि पर, कालिदास स्कूल का मैदान, ज्योति नगर एमपीईबी के सामने एवं एमपीईबी में मैदान क्षेत्र, तरणताल एवं फूड जोन के सामने, मयूर वन और अटल उद्यान तथा पॉलिटेक्निक इंजीनियरिंग कॉलेज में अतिरिक्त पार्किंग और ऑटोमोबाइल के लिए गोदाम क्षेत्र के रूप में उपयोग किया जाएगा।
    :: प्रमुख भाग लेने वाले ब्रांड ऑटोमोबाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और फूड ::
    उज्जैयनी विक्रम व्यापार मेले में प्रमुख ब्रैंड ऑटोमोबाइल्स ,इलेक्ट्रॉनिक्स और फूड कंपनियां भाग लेगी। जिनमें प्रमुख रुप से महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हुंडई मर्सिडीज़ बेंज, किआ, यामाहा, नेक्सा एमजी, वोक्सवैगन, रॉयल एनफील्ड, हीरो, होंडा, हार्ले डेविडसन, एलजी, सैमसंग, हेयर, डोमिनोस, पैनासोनिक, एचपी डेल रहेंगे।
    :: विभागों को सौंपे गए दायित्व ::
    उज्जैयनी विक्रम व्यापार मेले के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों को दायित्व सौंप गए हैं। नगर पालिका निगम उज्जैन द्वारा आयोजन संस्था के रूप में अधिकृत किया गया है। जिनके द्वारा आयोजन स्थल पर व्यापारिक प्रतिष्ठान स्थल दुकानों का आवंटन संचालन इत्यादि , मेले और प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। मेले में व्यावसायिक स्थल के आवंटन में उज्जैन जिले के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्राथमिकता प्रदान करना सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी। ऊर्जा विभाग द्वारा आयोजन स्थल पर विद्युत संबंधी समस्त व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जाएगी। वाणिज्य कर विभाग द्वारा इलेक्ट्रॉनिक एवं घरेलू उपकरण के विक्रय पर एसजीएसटी में 50% की प्रतिपूर्ति और मेला स्थल पर दुकानों के आवंटन में सक्रिय सहयोग किया जाएगा। गृह विभाग द्वारा सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था तथा यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। परिवहन विभाग द्वारा मेले में विक्रय होने वाले गैर परिवहन वाहनों तथा छोटे परिवहन वाहनों पर पंजीयन शुल्क और रोड टैक्स में 50% की छूट प्रदान करेंगे। आयोजन स्थल पर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था लोक स्वस्थ एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी। पर्यटन विभाग किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग उद्यानिकी एवं खाद्य संस्करण विभाग द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन तथा योजनाओं का प्रचार प्रसार संबंधित कार्य किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त कुटीर एवं ग्राम उद्योग विभाग, पशुपालन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ,लोक निर्माण विभाग ,खनिज विभाग इत्यादि विभागों को भी दायित्व सौंप गए हैं।

  • आचार्यश्री विद्यासागर  जी की हुई समतापूर्वक समाधि | जैन समाज ने नगर में बंद रखे अपने प्रतिष्ठान

    आचार्यश्री विद्यासागर जी की हुई समतापूर्वक समाधि | जैन समाज ने नगर में बंद रखे अपने प्रतिष्ठान

    छतरपुर। देश भर के जैन धर्मावलंबियों के सबसे बड़े,प्रतिष्ठित और कठोर तपस्या के लिए प्रसिद्ध आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का 18 फरवरी 24 को तड़के कोई ढाई बजे समतापूर्वक समाधिमारण हो गया।वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे।आचार्य श्री के बिछोह से व्यथित नगर की समस्त जैन समाज ने अपने अपने कारोबार बंद रख कर उन्हें अपनी अश्रुपूरित विनयांजलि अर्पित की।
    जैन समाज के डा. सुमति प्रकाश जैन ने बताया कि पूज्य आचार्य श्री छत्तीसगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ, डोंगरगढ़ में प्रवासरत थे, जहां कुछ दिन से उनकी सेहत अच्छी नहीं चल रही थी।इसे देखते हुए उन्होंने आचार्य पद का त्याग करते हुए समतापूर्वक समाधिमरण का निर्णय लिया।वे पिछले तीन दिन से निराहार उपवास कर रहे थे।अंततः 18 फरवरी 24 की अल सुबह करीब ढाई बजे उन्होंने अपनी नश्वर देह त्याग कर मोक्ष मार्ग की ओर प्रस्थान किया।रविवार को दोपहर 1 बजे से उनकी डोल यात्रा डोंगरगढ़ में भारी जनसमुदाय के बीच निकली और धार्मिक विधि विधान के इनके अंतिम संस्कार की क्रियाएं संपन्न हुई।इस डोल यात्रा में देश के कोने कोने से आचार्यश्री के भक्तगण बड़ी संख्या में डोंगरगढ़ पहुंचे थे।
    डा सुमति प्रकाश जैन ने बताया कि पूज्य आचार्यश्री का 2018 में छतरपुर जिले में लम्बा प्रवास रहा,जिसकी यादें आज भी ताजा हैं। आचार्यश्री के नगर आगमन से यहां धर्म की गंगा बही और धर्म की असीम प्रभावना हुई। आचार्यश्री का ग्राम धमौरा होते हुए 11 जुलाई 2018 को प्रातःकाल छतरपुर में प्रवेश हुआ था, तब जैन समाज छतरपुर ने आचार्य संघ की भव्य आगवानी की थी। नगर के श्री नेमिनाथ जिनालय के सामने आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन का एक बड़ा कार्यक्रम जैन समाज ने आयोजित किया था।इस कार्यक्रम में आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन(पैर पखारने) के लिए दान देने वालों की होड़ लग गई थी।यहां पाद प्रक्षालन का सौभाग्य श्री ज्ञानचंद प्रदीप चौधरी,प्रोफेसर सुमति प्रकाश जैन, श्री अज्जु ओलिया,राजू सेठ, चक्रेश जैन आदि को प्राप्त हुआ था। जैन समाज में दान से एकत्र हुई राशि को जनकल्याण, धर्म तथा आध्यात्म के कार्यों में लगाने की यही व्यवस्था है। आचार्य श्री ने अपनी भावभीनी अगवानी और पादप्रक्षालन के अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को अपना शुभाशीष दिया।आहारचर्या का सौभाग्य श्री महेश जैन बरद्वाहा वालों को प्राप्त हुआ था।
    इसके बाद दोपहर में मेलाग्राउंड स्थित श्री अजितनाथ जिनालय परिसर में आयोजित कलशारोहण कार्यक्रम में भी आचार्यश्री ने श्रद्धालुओं को शुभाशीष दिया।यहां भी जनकल्याण के कार्यों हेतु बड़ी राशि श्रद्धालुओं ने भेंट की।बाबू प्रेमी जैन ने कलशारोहण हेतु बड़ी राशि दान में घोषित की थी।यहां ध्वजारोहण का सौभाग्य श्री रक्षपाल जैन ,अरविंद बड़कुल को प्राप्त हुआ था।और भी कई श्रद्धालुओं ने समाज के कार्य हेतु राशि भेंट की थी।इसी दिन आचार्यश्री ने खजुराहो के लिए प्रस्थान किया, और 14 जुलाई को खजुराहो पहुंचने पर उनकी भव्य आगवानी जैन समाज और नगरवासियों ने की।यहां उनका ऐतिहासिक और यादगार चातुर्मास हुआ,जिसमें प्रति रविवार उनके प्रवचन तथा अन्य बड़े कार्यक्रम आयोजित हुए।आचार्यश्री के चातुर्मास के कारण देश भर से लाखों श्रद्धालुओं के खजुराहो आने और रुकने से खजुराहो के हर प्रकार के व्यवसाय में आर्थिक सुदृढ़ता देखने को मिली थी।डा सुमति प्रकाश जैन ने बड़े गौरव के साथ बताया कि आचार्य श्री के पांच माह के दौरान खजुराहो में हुए लगभग सभी बड़े कार्यक्रमों की उनके द्वारा की गई रिपोर्टिंग को प्रदेश की प्रिंट तथा इलेट्रॉनिक मीडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित किया था,इसे वे एक सुनहरा सुअवसर एवं सौभाग्य मानते हैं।
    इसके पूर्व वर्ष 1981 में खजुराहों में आयोजित पंच कल्याणक जिन बिंब प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव में भी आचार्यश्री विद्यासागर जी का मंगल सानिध्य यहां की समाज और नगरवासियों को मिला था।
    समाजसेवी डा सुमति प्रकाश जैन ने बताया कि आचार्य श्री का जन्म 1946 में कर्नाटक के बेलगांव जिला के ग्राम सदलगा में हुआ था।उनकी माता का नाम श्रीमंती अष्टगे तथा पिता का नाम श्री मल्लपा अष्टगे था।आपने 30 जून 1968 को राजस्थान में विद्वान दिगंबराचार्य श्री ज्ञानसागर जी से मुनि दीक्षा ली थी।1972 में उन्हें आचार्य पद से विभूषित किया गया था।तब से लेकर अपने जीवनपर्यंत दुनिया भर में अहिंसा परमोधर्मः का संदेश लेकर मोक्ष मार्ग की कठिन तपस्या में लीन रहे।आचार्यश्री हिंदी भाषा के प्रबल पक्षधर रहे। अटूट देशभक्ति से ओतप्रोत आचार्यश्री भारत देश को इंडिया नहीं भारत बोलो का शंखनाद लंबे समय से करते आ रहे थे।
    आचार्यश्री के वियोग से दुखी जैन समाज ,छतरपुर ने सायंकाल श्री नेमिनाथ जिनालय परिसर में दीप प्रज्जवलित कर अपनी विनयांजलि अर्पित की।जैन समाज,छतरपुर की समस्त कार्यकारिणी ने आचार्यश्री के प्रति अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की है।

  • 50वें खजुराहो नृत्य समारोह

    50वें खजुराहो नृत्य समारोह

    50वें खजुराहो नृत्य समारोह

    मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव करेगे शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेगे संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी

    श्चिम मंदिर समूह परिसर में 20 से 26 फरवरी तक शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी

    कलेक्टर श्री जी.आर. ने कार्यक्रम और तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में दूरदर्शन को बताया

    देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत के उत्सव का आगाज 20 फरवरी से खजुराहो नृत्य समारोह के रूप में होने जा रहा है। जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव करेगे शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्रप्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी विशिष्ट अतिथि खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा रहगे। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो एक बार फिर शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियों से गुंजायमान होगी। कलेक्टर छतरपुर संदीप जी.आर. ने खजुराहो नृत्य समारोह के संबंध में दूरदर्शन समाचार के छतरपुर संवाददाता को बताया कि बुंदेलखण्ड की धरती पर देशभर से पधारने वाले प्रतिष्ठित लोक नर्तक अपनी घुंघरुओं की झंकार और कदमताल से छटा बिखरेंगे। नृत्य महोत्सव अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। इस उपलब्धि को खास एवं यादगार बनाने के लिये संस्कृति विभाग द्वारा कथक-कुंभ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रथम दिवस 20 फरवरी 2024 को कथक नृत्य के 1500 कलाकारों द्वारा सामूहिक नृत्य कथक-कुंभ प्रस्तुत कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।

    संस्कृति विभाग द्वारा उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, भोपाल के माध्यम से खजुराहो में प्रतिवर्ष खजुराहो नृत्य समारोह का आयोजन मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग एवं पुरातत्व विभाग की सहभागिता से किया जाता है। पश्चिमी मंदिर समूह परिसर के अंदर चंदेलकालीन कंदारिया महादेव मंदिर तथा देवी जगदंबा मंदिर के मध्य विशाल मुक्ताकाशी मंच पर यह उत्सव 26 फरवरी तक आयोजित होगा। खजुराहो नृत्य समारोह को शुरू करने का उद्देश्य शास्त्रीय नृत्यों का संरक्षण ही नहीं अपितु इसके इतर शास्त्रीय नृत्य द्वारा कला की सर्वाेत्तम अनुभूति कला रसिकों को करवाने एवं इससे जुड़े सभी कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। विश्व रिकॉर्ड के अलावा महोत्सव में पहली बार लयशाला का आयोजन होगा। इसमें भारतीय नृत्य शैलियों के अपनी विधा के श्रेष्ठ गुरूओं के साथ शिष्यों का संगम और कार्यशालाएं होंगी’। यह देश का अत्यंत ख्यातिलब्ध समारोह है और इसमें अब तक भारत की सभी प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियों के कलाकार अपनी नृत्यों की प्रस्तुतियाँ दे चुके हैं। इस वर्ष भी देश के ख्यातिलब्ध प्रतिष्ठित कलाकार शिरकत कर रहे हैं।
    नृत्य प्रदर्शन
    रोज रोज शाम 6:30 बजे से…
    20 फरवरी
    कथक कुम्भ
    एएन एंट्रेनलिंक समूह 1500 कथक नर्तक।
    पद्मश्री रंजना गौहर एवं मंडली नई दिल्ली, ओडिसी समूह।
    साधना शंकर नई दिल्ली, भरतनाट्यम।

    21 फरवरी
    शैंकी सिंह दिल्ली, कथक
    सयाली केन कलावर्धनी डांस कंपनी पुणे, भरतनाट्यम।
    अरूपा गायत्री पांडा, भुवनेश्वर, ओडिसी।
    मनाली देव श्री गणेश नृत्य कला मंदिर मुंबई, कथक समूह।

    22 फरवरी
    साक्षी शर्मा नई दिल्ली, कथक।
    कला एवं संस्कृति के लिए कस्तूरी पटनायक संकल्प फाउंडेशन, नई दिल्ली, महरी-ओडिसी समूह।
    विद्या प्रदीप केरल, मोहिनीअट्टम।
    पदमश्री पुरु दाधीच, हर्षिता दधिह और मंडली इंदौर, कथक समूह।

    23 फरवरी
    मौमिता घोष वत्स दिल्ली, ओडिसी
    पद्मश्री नलिनी कमलनी और मंडली कोच्चि, कूडियाट्टम तिकड़ी।
    सुचित्रा हरमलकर एवं मंडली इंदौर, कथक समूह।
    रोशाली राजकुमारी और मंडली इम्फाल, मणिपुरी समूह।

    24 फरवरी
    पंचानन भुइयां, आराधना ओडिसी नृत्य फाउंडेशन दिल्ली, छाऊ-ओडिसी समूह
    अमीरा पटनाकर और मंडली पुणे, कथक समूह
    राजश्री होल्ला और रेखा सतीश बेंगलुरु, कुचिपुड़ी दोउ।
    अनु सिन्हा और मंडली दिल्ली, कथक समूह।

    25 फरवरी
    प्रेरणा देशपांडे पुणे, कथक
    पी. राजेंद्र गगन नई दिल्ली, कथक
    नव्या नटराजन बेंगलुरु, भरतनाट्यम।
    निधि नागर एवं मंडली वानर्सी, कथक समूह।

    26 फरवरी
    पद्मविभूषण डाॅ. सोनल मान सिंह नई दिल्ली, नृत्य “नाटक मीरा” समूह
    राजश्री वारिरे त्रिवेन्द्रम, भरतनाट्यम
    यासमीन सिंह एवं मंडली भोपाल, कथक समूह।
    किरपा फड़के और मंडली मैसूर, भरतनाट्यम समूह।
    वी अनुराधा सिंह भोपाल, कथक।

    विभिन्न रोमांचित गतिविधियों का होगा आयोजन

    समारोह के दौरान खजुराहो में देश-विदेश से पहुंचने वाले सैलानियों को विभिन्न गतिविधियाँ रोमांचित करेगी। म.प्र. टूरिज्म बोर्ड द्वारा विभिन्न रोमांचक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सैलानियों को रोमांचित करने के लिए स्काई डाईविंग (20-25 फरवरी 2024), कैम्पिंग, ट्रेल जॉय राइड, वाटर एडवेंचर, स्पीड बोट, बनाना राईड, शिकारा बाईड, ऱॉफ्टिंग, विलेज टूर, ई-बाइक टूर, रानेह फॉल टूर, दतला पहाड़, सेगवे टूर, खजुराहो नाईट टूर, फॉर्म टूर जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी।

    महोत्सव के दौरान होंगी विभिन्न गतिविधियां
    नेपथ्य – भारतीय नृत्य शैलियों का सांस्कृतिक परिदृश्य एवं कलायात्रा।

    प्रदर्शनी के अन्तर्गत शास्त्रीय, लोक और जनजातीय नृत्य रूपाकारों के परिधान, आभूषण, अलंकरण, साहित्य और संगीत वाद्यों के साथ-साथ चित्र शैलियाँ एवं पर्व-त्यौहार अर्थात् समग्रता में कला और संस्कृति को प्रदर्शित किया जाता है।

    कलावार्ता- कलाकार और कलाविदों का संवाद
    संस्कृति के विभिन्न अनुशासनों के कला-मर्मज्ञों एवं कलाकारों के बीच संस्कृति संवाद के साथ ही विभिन्न कलारूपों के प्रतिनिधि, प्रस्तुतिकार, कला समीक्षक, कला-मर्मज्ञ एवं विद्वतजन भारतीय कलाओं और उनमें निहित दर्शन पर श्रोताओं से गम्भीर विमर्श करते हैं।

    हुनर-देशज ज्ञान एवं कला परम्परा का मेला
    भारत में सौन्दर्यबोध समाज के सभी वर्गों की परम्परा के अनुरूप रूपाकारों/कलाकारों द्वारा निर्मित मिट्टी शिल्प, काष्ठ शिल्प, लौह शिल्प, बाँस शिल्प, कपड़ा बुनाई-रंगाई-छपाई आदि शिल्प परम्परा की निर्माण प्रक्रिया, तकनीक और डिजाइन उन्नयन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष खजुराहो में हुनर के नाम से शिल्प मेले का आयोजन करते हैं।

    आर्ट मार्ट – ललित कलाओं का मेला
    आर्ट-मार्ट कला प्रदर्शनी के अन्तर्गत ललित कलाओं जैसे मूर्ति शिल्प, चित्रांकन, छायाचित्र, छापा चित्र, काष्ठ शिल्प आदि के कलाकार अपनी कृतियाँ प्रदर्शित करते हैं। कलाकारों से दर्शक खुलकर कला से संबंधित विभिन्न आयामों पर चर्चा करने हेतु भी आमंत्रित रहते हैं।

    समष्टि: टेराकोटा और सिरेमिक राष्ट्रीय प्रदर्शनी-कार्यशाला
    देश भर के टेराकोटा एवं सिरेमिक माध्यम पर कार्य करने वाले कलाकार अपने भीतर उठने वाली रचनात्मक हिलोरों को साकार कर पाते हैं। भारत की संस्कृति में माटी शिल्प की पुरानी परंपरा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से समष्टि कार्यशाला का आयोजन किया जाता है।

    लोकनृत्य की प्रस्तुतियाँ
    नृत्य की अन्य गतिविधियों के रूप में दक्षित मध्य सांस्कृतिक केन्द्र, नागपुर द्वारा ‘‘लोकनृत्य’’ की प्रस्तुतियों का आयोजन किया जायेगा।

    वर्तनी: अन्तर्राष्ट्रीय छापा कला
    अन्तर्राष्ट्रीय ‘‘प्रिंट विनाले’’ में भारत भवन, भोपाल द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय ज्यूरी से पुरस्कृत 50 छापा चित्रों (प्रिंट) की प्रदर्शनी ‘‘वर्तनी’’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रमुखतः निम्नलिखित देशों जापान, कोरिया, स्विटजरलैण्ड, फ्रांस, भारत, ईरान, नार्वे, स्वीडन, अमेरिका आदि के कलाकारों के चित्र सम्मिलित किये गये हैं।

    लयशाला : श्रेष्ठ गुरूओं के साथ शिष्यों का संगम और कार्यशाला
    देशभर की विभिन्न नृत्य शैलियों के गुरूओं तथा उनके शिष्यों का श्रेष्ठ गुरूओं एवं विभिन्न विधाओं के श्रेष्ठ कलाकारों का संवाद और उनकी विधाओं पर केन्द्रित कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा, जिससे रसिकजनों और कलाप्रेमियों को अत्यधिक लाभ मिलेगा और विद्यार्थी नृत्य शैली विभिन्न घरानों से परिचित होंगे और खजुराहो नृत्य समारोह के अन्तर्गत लयशाला कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अपने आप को गौरान्वित महसूस करेंगे। नृत्य शैली विभिन्न घरानों से परिचित होंगे और खजुराहो नृत्य समारोह के अन्तर्गत लयशाला कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अपने आप को गौरान्वित महसूस करेंगे।

  • देशभर में मनाई जा रही ईद, राष्ट्रपति, पीएम मोदी और राहुल गांधी ने दी शुभकामनाएं

    देशभर में मनाई जा रही ईद, राष्ट्रपति, पीएम मोदी और राहुल गांधी ने दी शुभकामनाएं

    नई दिल्ली। देशभर में आज धूमधाम के साथ ईद मनाई जा रही है। सुबह से ही लोग मस्जिदों में पहुंच रहे हैं और ईद की नमाज अदा कर रहे हैं। ईद के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत तमाम दिग्गजों ने देशवासियों को ईद-उल-फित्र की ईद की बधाई दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को ईद की बधाई देते हुए कहा, “ईद-उल-फितर पर सभी देशवासियों, विशेष रूप से मुस्लिम भाइयों-बहनों को मैं बधाई देती हूं। प्रेम और करुणा का पर्व ईद हमें दूसरों की मदद करने का संदेश देता है। आइए, जश्न के इस मुबारक मौके पर हम सभी समाज में भाईचारा और आपसी सौहार्द को बढ़ाने की राह पर आगे बढ़ने का संकल्प लें।

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    बुरहानपुर। लाखों वर्ष पूर्व से अपना देश, अपना राष्ट्र सांस्कृतिक रूप से सदैव रहा है, आज भी एक है और भविष्य में भी एक ही रहेगा। आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विचार और सोच अनुरूप “एक भारत-श्रेष्ठ भारत योजना“ अंतर्गत भारत दर्शन यात्रा के दौरान आप सब श्री पी.मुरलीधर राव जी के नेतृत्व में बुरहानपुर पधारे हम सब निमाड़वासी आप तेलुगु भाई-बहनों का स्वागत करते है।
    यह बात प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने तेलुगू संगम संस्था की भारत दर्शन यात्रा के प्रो.बृजमोहन मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड साईंसेस महाविद्यालय (बिम्ट्स), बुरहानपुर आगमन पर स्वागत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बुरहानपुर को सामरिक दृष्टि से दक्षिण का द्वार कहा जाता रहा। हमारा क्षेत्र कन्या कुमारी से कश्मीर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पर स्थित है। इसके 300 किलोमीटर की रेडियस में 5 ज्योर्तिलिंग स्थित है। जिससे स्पष्ट होता है कि इस क्षेत्र का बुरहानपुर मध्यप्रदेश और दक्षिण के तेलंगाना से हमेशा जुड़ाव रहा है। बुरहानपुर के ताप्ती तट पर पिछले 450 वर्षांे से बालाजी मेला लगता रहा है। जिसकी मुख्य मूर्ति तिरूपति बालाजी दक्षिण राज्य से लाकर ही भक्त महाराज द्वारा बुरहानपुर मंे स्थापित की गई। इस प्रकार निमाड़, मध्यप्रदेश का तेलंगाना सहित दक्षिण राज्यों से पुराना संबंध रहा है।
    प्रारंभ में पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, नेपानगर विधायक श्रीमती सुमित्रा कास्डेकर, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे, महापौर श्रीमती माधुरी पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्काे, अरूण शेंडे, रामदाश शिवहरे, गजानन महाजन, किशोर पाटिल, अशोक पटेल, दिलीप पवार, डॉ.कविता सूर्यवंशी, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, शाहपुर नगर परिषद् अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेन्द्र तिवारी, अरूण पाटिल, बिम्ट्स महाविद्यालय की श्रीमती राखी मिश्रा, अनिल जैन, अमित मिश्रा, पूर्व महापौर अतुल पटेल, जगदीश कपूर, पूर्व नगर निगमाध्यक्ष मनोज तारवाला, किशोर पाटिल, मनोज माने, लक्ष्मण महाजन, राजू पाटिल, योगेश महाजन, रामदास पाटिल, दीपक अग्रवाल, नरहरी दीक्षित बलराज नावानी, मुकेश शाह, ईश्वर चौहान, श्रीमती किरण रायकवार, विनोद पाटिल, संभाजीराव सगरे, आशीष शुक्ला, रितेश सरोदे, राजेश महाजन, अशोक महाजन, नितेश दलाल, गौरव शुक्ला, अनिल विस्पुते, सुमित वारूड़े, राजा जंगाले, रूद्रेश्वर एंडोले, देवानंद पाटिल, फिरोज तड़वी, वैभव महाजन, भरत रावल, धीरज नावानी एवं अनिरूद्ध पारीख सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। यात्रा के आगमन पर पुष्प-वर्षा कर तेलुगु भाषी भाई-बहन का स्वागत किया।
    पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि मैं पार्टी के प्रदेश प्रभारी श्री मुरलीधर राव जी का आभार मानते हुए बताना चाहूंगी कि ’’एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की कल्पना को साकार रूप देने का आपका यह प्रयास उदाहरण बनेगा। द्वादश ज्योर्तिलिंग में से 5 ज्योर्तिलिंग हमारे अपने बुरहानपुर के 300 किलो मीटर की परिधी में स्थित है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और तेलंगाना राज्य में कई समानताएँ हैं। यहाँ सतपुड़ा, पेंच, कान्हा जैसे कई टाइगर रिजर्व हैं। प्रदेश आज सड़क, बिजली, सिंचाई सहित अनेक क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहा है। यह आपका अपना ही प्रदेश है, अपने आपको कभी अलग नहीं समझना। सांची के स्तूप के प्रवेश द्वार में आपको तेलंगाना के प्रतीक चिन्ह काग की तोरणम की छवि दिखाई देगी, बुरहानपुर में कुंडी भंडारा बुरहानपुर के कुंडी भंडारे की तरह ही गोलकुंडा का किला अपने अनोखे जल प्रदाय तंत्र के लिए दुनिया में विख्यात है।
    पार्टी के प्रदेश संगठन प्रभारी व तेलुगु संगमम् के संस्थापक पी मुरलीधर राव ने कहा कि राम जन्म भूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, बनारस और काशी में कॉरिडोर का निर्माण हुआ उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में महाकाल में दुनिया भर के हिंदू आते हैं अब महाकाल लोक के उद्धार होने के बाद ऐसा लग रहा है वैभव का पूरा प्रकाश पूरे दुनिया में छा रहा है। राष्ट्रवाद के समर्पित सुशासन करने वाले सरकार और नेता होते हैं। हमारा देश शिक्षकों, किसानों, पूरी दुनिया के लिए अन्नपूर्णा बना हुआ देश है। जैसे विश्व गुरु हैं वैसे ही अन्न दान करने वाला देश हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश 23 प्रतिशत ग्रोथ रेट हासिल करने वाला प्रदेश है। राष्ट्रवाद का मतलब केवल एक पहलू नहीं संपूर्ण विकास ही राष्ट्रवाद है।

  • 36 लोगों की जान लेने वाली बावड़ी पर चला बुलडोजर, मलबे से भरी गई

    36 लोगों की जान लेने वाली बावड़ी पर चला बुलडोजर, मलबे से भरी गई

     

    मध्यप्रदेश के इंदौर की उस हत्यारी बावड़ी को मलबे से भर दिया गया है, जहां रामनवमी पर हुए हादसे में 36 लोगों की मौत हुई थी। नगर निगम ने उसका नामो-निशान मिटा दिया है। बावड़ी के ऊपर बने अवैध मंदिर को भी तोड़ दिया गया है। इसके अलावा नए मंदिर के ढांचे को भी जेसीबी और पोकलेन की मदद से तोड़ा गया। मंदिर तोड़ने का बजरंग दल कार्यकर्ता विरोध करने पहुंचे, लेकिन नगर निगम की कार्रवाई प्रभावित नहीं हुई। अवैध निर्माण तोड़ने से जो मलबा निकला, उससे बावड़ी को बंद कर दिया गया। अफसरों का कहना है कि बावड़ी में दरारें होने से उसका सरंक्षण संभव नहीं है। इस वजह से उसे भरने का ही फैसला लिया गया।

    सुबह पांच बजे पहुंचा अमला
    पटेल नगर उद्यान का अवैध निर्माण तोड़ने के लिए नगर निगम का अमला सुबह पांच बजे मौके पर पहुंचा। 50 से ज्यादा मजदूर, तीन जेसीबी और एक पोकलेन मशीन की मदद से सुबह कार्रवाई शुरू की गई। पटेल नगर की तरफ जाने वाले मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए गए और अनावश्यक लोगों को नहीं आने दिया जा रहा थाा। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी तैनात था। सुबह दस बजे तक नए मंदिर के निर्माण को आधा तोड़ा जा चुका था। कार्रवाई शुरू होने से पहले बेलेश्वर मंदिर की मूर्तियों को सम्मान के साथ शिफ्ट किया गया। मूर्तियां बावड़ी के दूसरी तरफ रखी थी, वहां तक जानेे के लिए क्रेन और झूले की मदद ली गई। झूले  में ही मूर्तियों को रखकर लाया गया। 
    पटेल नगर क्षेत्र के रहवासी बोले कि अवैध निर्माण हटाने के बाद बावड़ी को बंद करने का फैसला ठीक रहा। जब भी हम घरों से बाहर निकलते थे तो बावड़ी हादसे की याद दिलाती रही थी। हमें हमारे परिजनों की चीख-चित्कारों का एहसास होता था।मंदिर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध करने सुबह बजरंग दल कार्यकर्ता भी पहुंचे। उन्होंने पटेल नगर पहुंचकर नारेबाजी की और मंदिर तोड़े जाने का विरोध किया, लेकिन पुलिस जवानों ने उन्हें मंदिर की तरफ जाने से रोक दिया।

     

    ढक्कनवाला कुआं का भी अतिक्रमण तोड़ा

    नगर निगम ने पटेल नगर के अलावा ढक्कनवाला कुआं से भी अतिक्रमण हटाया। इस बावड़ी पर भी एक समुदाय धार्मिक पूजा करता था। इसके अलावा सुखलिया ग्राम और गाड़राखेड़ी में भी बावड़ी से अतिक्रमण हटाए गए।

  • ईसाई समुदाय ने पाम संडे के साथ पवित्र सप्ताह में प्रवेश किया

    ईसाई समुदाय ने पाम संडे के साथ पवित्र सप्ताह में प्रवेश किया

    भोपाल आर्चबिशप ए.ए.एस. दुरईराज एसवीडी ने इन्फेंट जीसस चर्च, अयोध्या बाई पास रोड, भोपाल में पाम संडे जुलूस के साथ कई विश्वासियों के बीच पवित्र यूखरिस्त समारोह का नेतृत्व किया। अपने संबोधन में आर्चबिशप ने विश्वासियों से पवित्र सप्ताह सेवाओं की सार्थक भागीदारी से जीवन में गुणात्मक परिवर्तन लाने के लिए कहा। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि वे यीशु के दुखभोग और मृत्यु को इस प्रकार न लें जैसा कि 2000 साल पहले हुआ था, लेकिन इसे इस रूप में लें कि वह हमारे सभी पापों के लिए एक बार फिर मर रहे हैं। उन्होंने लोगों से पृथ्वी पर ईश्वर के राज्य को स्थापित करने के लिए न्याय और शांति के वाहक बनने के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी के प्रति जागरूक बने रहने के लिए कहा।

    बाइबिल के अनुसार, जब यीशु ने येरूसालेम में प्रवेश किया, तो भीड़ ने रास्ते में जैतून की शाखाओं से उनका स्वागत किया था । यीशु के इसी पारंपरिक कार्यक्रम की स्मृति में कैथोलिक ईसाइयों ने भी अपने हाथों में खजूर की डालियाँ को हाथों में लिए हुए और होसन्ना गाते हुए सुबह के समय गिरजाघरों में प्रवेश किया।

    शहर के कई गिरजाघरों में ईसा मसीह के दुखभोग को चिह्नित करने के लिए वेदी को खजूर की डालियों और लाल कपड़े से सजाया गया था। यीशु मसीह के कष्टों पर मनन चिंतन करने के लिए बाइबल से तीन पाठ लिए गए। शहर के अधिकांश गिरजाघरों में खजूर रविवार की पवित्र ख्रीस्तयाग समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।