50वें खजुराहो नृत्य समारोह
मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव करेगे शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेगे संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी
श्चिम मंदिर समूह परिसर में 20 से 26 फरवरी तक शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी
कलेक्टर श्री जी.आर. ने कार्यक्रम और तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में दूरदर्शन को बताया
देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत के उत्सव का आगाज 20 फरवरी से खजुराहो नृत्य समारोह के रूप में होने जा रहा है। जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव करेगे शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्रप्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी विशिष्ट अतिथि खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा रहगे। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो एक बार फिर शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियों से गुंजायमान होगी। कलेक्टर छतरपुर संदीप जी.आर. ने खजुराहो नृत्य समारोह के संबंध में दूरदर्शन समाचार के छतरपुर संवाददाता को बताया कि बुंदेलखण्ड की धरती पर देशभर से पधारने वाले प्रतिष्ठित लोक नर्तक अपनी घुंघरुओं की झंकार और कदमताल से छटा बिखरेंगे। नृत्य महोत्सव अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। इस उपलब्धि को खास एवं यादगार बनाने के लिये संस्कृति विभाग द्वारा कथक-कुंभ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रथम दिवस 20 फरवरी 2024 को कथक नृत्य के 1500 कलाकारों द्वारा सामूहिक नृत्य कथक-कुंभ प्रस्तुत कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
संस्कृति विभाग द्वारा उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, भोपाल के माध्यम से खजुराहो में प्रतिवर्ष खजुराहो नृत्य समारोह का आयोजन मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग एवं पुरातत्व विभाग की सहभागिता से किया जाता है। पश्चिमी मंदिर समूह परिसर के अंदर चंदेलकालीन कंदारिया महादेव मंदिर तथा देवी जगदंबा मंदिर के मध्य विशाल मुक्ताकाशी मंच पर यह उत्सव 26 फरवरी तक आयोजित होगा। खजुराहो नृत्य समारोह को शुरू करने का उद्देश्य शास्त्रीय नृत्यों का संरक्षण ही नहीं अपितु इसके इतर शास्त्रीय नृत्य द्वारा कला की सर्वाेत्तम अनुभूति कला रसिकों को करवाने एवं इससे जुड़े सभी कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। विश्व रिकॉर्ड के अलावा महोत्सव में पहली बार लयशाला का आयोजन होगा। इसमें भारतीय नृत्य शैलियों के अपनी विधा के श्रेष्ठ गुरूओं के साथ शिष्यों का संगम और कार्यशालाएं होंगी’। यह देश का अत्यंत ख्यातिलब्ध समारोह है और इसमें अब तक भारत की सभी प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियों के कलाकार अपनी नृत्यों की प्रस्तुतियाँ दे चुके हैं। इस वर्ष भी देश के ख्यातिलब्ध प्रतिष्ठित कलाकार शिरकत कर रहे हैं।
नृत्य प्रदर्शन
रोज रोज शाम 6:30 बजे से…
20 फरवरी
कथक कुम्भ
एएन एंट्रेनलिंक समूह 1500 कथक नर्तक।
पद्मश्री रंजना गौहर एवं मंडली नई दिल्ली, ओडिसी समूह।
साधना शंकर नई दिल्ली, भरतनाट्यम।
21 फरवरी
शैंकी सिंह दिल्ली, कथक
सयाली केन कलावर्धनी डांस कंपनी पुणे, भरतनाट्यम।
अरूपा गायत्री पांडा, भुवनेश्वर, ओडिसी।
मनाली देव श्री गणेश नृत्य कला मंदिर मुंबई, कथक समूह।
22 फरवरी
साक्षी शर्मा नई दिल्ली, कथक।
कला एवं संस्कृति के लिए कस्तूरी पटनायक संकल्प फाउंडेशन, नई दिल्ली, महरी-ओडिसी समूह।
विद्या प्रदीप केरल, मोहिनीअट्टम।
पदमश्री पुरु दाधीच, हर्षिता दधिह और मंडली इंदौर, कथक समूह।
23 फरवरी
मौमिता घोष वत्स दिल्ली, ओडिसी
पद्मश्री नलिनी कमलनी और मंडली कोच्चि, कूडियाट्टम तिकड़ी।
सुचित्रा हरमलकर एवं मंडली इंदौर, कथक समूह।
रोशाली राजकुमारी और मंडली इम्फाल, मणिपुरी समूह।
24 फरवरी
पंचानन भुइयां, आराधना ओडिसी नृत्य फाउंडेशन दिल्ली, छाऊ-ओडिसी समूह
अमीरा पटनाकर और मंडली पुणे, कथक समूह
राजश्री होल्ला और रेखा सतीश बेंगलुरु, कुचिपुड़ी दोउ।
अनु सिन्हा और मंडली दिल्ली, कथक समूह।
25 फरवरी
प्रेरणा देशपांडे पुणे, कथक
पी. राजेंद्र गगन नई दिल्ली, कथक
नव्या नटराजन बेंगलुरु, भरतनाट्यम।
निधि नागर एवं मंडली वानर्सी, कथक समूह।
26 फरवरी
पद्मविभूषण डाॅ. सोनल मान सिंह नई दिल्ली, नृत्य “नाटक मीरा” समूह
राजश्री वारिरे त्रिवेन्द्रम, भरतनाट्यम
यासमीन सिंह एवं मंडली भोपाल, कथक समूह।
किरपा फड़के और मंडली मैसूर, भरतनाट्यम समूह।
वी अनुराधा सिंह भोपाल, कथक।
विभिन्न रोमांचित गतिविधियों का होगा आयोजन
समारोह के दौरान खजुराहो में देश-विदेश से पहुंचने वाले सैलानियों को विभिन्न गतिविधियाँ रोमांचित करेगी। म.प्र. टूरिज्म बोर्ड द्वारा विभिन्न रोमांचक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सैलानियों को रोमांचित करने के लिए स्काई डाईविंग (20-25 फरवरी 2024), कैम्पिंग, ट्रेल जॉय राइड, वाटर एडवेंचर, स्पीड बोट, बनाना राईड, शिकारा बाईड, ऱॉफ्टिंग, विलेज टूर, ई-बाइक टूर, रानेह फॉल टूर, दतला पहाड़, सेगवे टूर, खजुराहो नाईट टूर, फॉर्म टूर जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी।
महोत्सव के दौरान होंगी विभिन्न गतिविधियां
नेपथ्य – भारतीय नृत्य शैलियों का सांस्कृतिक परिदृश्य एवं कलायात्रा।
प्रदर्शनी के अन्तर्गत शास्त्रीय, लोक और जनजातीय नृत्य रूपाकारों के परिधान, आभूषण, अलंकरण, साहित्य और संगीत वाद्यों के साथ-साथ चित्र शैलियाँ एवं पर्व-त्यौहार अर्थात् समग्रता में कला और संस्कृति को प्रदर्शित किया जाता है।
कलावार्ता- कलाकार और कलाविदों का संवाद
संस्कृति के विभिन्न अनुशासनों के कला-मर्मज्ञों एवं कलाकारों के बीच संस्कृति संवाद के साथ ही विभिन्न कलारूपों के प्रतिनिधि, प्रस्तुतिकार, कला समीक्षक, कला-मर्मज्ञ एवं विद्वतजन भारतीय कलाओं और उनमें निहित दर्शन पर श्रोताओं से गम्भीर विमर्श करते हैं।
हुनर-देशज ज्ञान एवं कला परम्परा का मेला
भारत में सौन्दर्यबोध समाज के सभी वर्गों की परम्परा के अनुरूप रूपाकारों/कलाकारों द्वारा निर्मित मिट्टी शिल्प, काष्ठ शिल्प, लौह शिल्प, बाँस शिल्प, कपड़ा बुनाई-रंगाई-छपाई आदि शिल्प परम्परा की निर्माण प्रक्रिया, तकनीक और डिजाइन उन्नयन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष खजुराहो में हुनर के नाम से शिल्प मेले का आयोजन करते हैं।
आर्ट मार्ट – ललित कलाओं का मेला
आर्ट-मार्ट कला प्रदर्शनी के अन्तर्गत ललित कलाओं जैसे मूर्ति शिल्प, चित्रांकन, छायाचित्र, छापा चित्र, काष्ठ शिल्प आदि के कलाकार अपनी कृतियाँ प्रदर्शित करते हैं। कलाकारों से दर्शक खुलकर कला से संबंधित विभिन्न आयामों पर चर्चा करने हेतु भी आमंत्रित रहते हैं।
समष्टि: टेराकोटा और सिरेमिक राष्ट्रीय प्रदर्शनी-कार्यशाला
देश भर के टेराकोटा एवं सिरेमिक माध्यम पर कार्य करने वाले कलाकार अपने भीतर उठने वाली रचनात्मक हिलोरों को साकार कर पाते हैं। भारत की संस्कृति में माटी शिल्प की पुरानी परंपरा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से समष्टि कार्यशाला का आयोजन किया जाता है।
लोकनृत्य की प्रस्तुतियाँ
नृत्य की अन्य गतिविधियों के रूप में दक्षित मध्य सांस्कृतिक केन्द्र, नागपुर द्वारा ‘‘लोकनृत्य’’ की प्रस्तुतियों का आयोजन किया जायेगा।
वर्तनी: अन्तर्राष्ट्रीय छापा कला
अन्तर्राष्ट्रीय ‘‘प्रिंट विनाले’’ में भारत भवन, भोपाल द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय ज्यूरी से पुरस्कृत 50 छापा चित्रों (प्रिंट) की प्रदर्शनी ‘‘वर्तनी’’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रमुखतः निम्नलिखित देशों जापान, कोरिया, स्विटजरलैण्ड, फ्रांस, भारत, ईरान, नार्वे, स्वीडन, अमेरिका आदि के कलाकारों के चित्र सम्मिलित किये गये हैं।
लयशाला : श्रेष्ठ गुरूओं के साथ शिष्यों का संगम और कार्यशाला
देशभर की विभिन्न नृत्य शैलियों के गुरूओं तथा उनके शिष्यों का श्रेष्ठ गुरूओं एवं विभिन्न विधाओं के श्रेष्ठ कलाकारों का संवाद और उनकी विधाओं पर केन्द्रित कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा, जिससे रसिकजनों और कलाप्रेमियों को अत्यधिक लाभ मिलेगा और विद्यार्थी नृत्य शैली विभिन्न घरानों से परिचित होंगे और खजुराहो नृत्य समारोह के अन्तर्गत लयशाला कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अपने आप को गौरान्वित महसूस करेंगे। नृत्य शैली विभिन्न घरानों से परिचित होंगे और खजुराहो नृत्य समारोह के अन्तर्गत लयशाला कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अपने आप को गौरान्वित महसूस करेंगे।