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हमारे अपने ही विदेश जाकर हमें… राहुल गांधी के कैम्ब्रिज लेक्‍चर पर भड़क गए हिमंत बिस्‍व सरमा

नई दिल्‍ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा आगबबूला हैं। उन्‍होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का संबोधन सुना। इसके बाद ट्विटर पर आए और राहुल के दावों का ‘फैक्‍ट-चेक’ करने लगे। सरमा ने कहा कि ‘पहले विदेशी एजेंट हमें टारगेट करते हैं! फिर हमारे अपने हमें विदेशी जमीन पर टारगेट करते हैं!’ असम सीएम ने कहा कि कैम्ब्रिज में राहुल गांधी का भाषण और कुछ नहीं, ‘पीएम नरेंद्र मोदी पर हमले की आड़ में विदेशी सरजमीं पर हमारे देश को नीचा दिखाने की शर्मनाक कोशिश थी।’ सरमा ने कहा क‍ि ‘राहुल कहते हैं क‍ि भारतीय लोकतंत्र खतरे में है क्‍योंकि वह खुलकर नहीं बोल सकते। FACT: वह मोदी सरकार से मिली सुरक्षा में 4,000 किलोमीटर की यात्रा सकुशल कर पाए। क्‍या हमें उन्‍हें याद दिलाना पड़ेगा कि जब कांग्रेस सत्‍ता में थी तब कैसे बीजेपी की यात्राओं को सबोटाज किया जाता था?’

‘क्‍या कांग्रेस की आतंकियों से कोई…?’
सरमा ने कहा, राहुल ने पुलवामा हमले को कार बम के रूप में बताया जिसमें 40 सैनिक मारे गए। उन्होंने हमारे जवानों का अपमान करने की हिम्मत कैसे की? बम नहीं था सर, आतंकी हमला था। कोई आश्चर्य नहीं कि उन्होंने पुलवामा हमले के पीछे पाकिस्तान का नाम लेने से इनकार कर दिया। क्या यह आतंकवादियों के साथ कांग्रेस की समझ का हिस्सा है? एक अन्य ट्वीट में, असम के सीएम ने कहा, राहुल कहते हैं कि कश्मीर में आतंकवादियों ने उन्हें देखा, लेकिन उन्हें पता था कि वह उन्हें निशाना नहीं बनाएंगे। सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई? क्या राहुल को बचाने के लिए कांग्रेस की इन आतंकवादियों के साथ कुछ समझ थी ?

सरमा ने कांग्रेस नेता के दावों का मुकाबला करने के लिए कुछ तथ्य भी सामने रखे। राहुल का कहना है कि भारतीय लोकतंत्र खतरे में है क्योंकि वह खुलकर अपनी बात नहीं रख सकते। तथ्य: उन्होंने मोदी सरकार द्वारा प्रदान की गई सुरक्षा के तहत अपनी यात्रा में 4,000 किलोमीटर की यात्रा बिना किसी घटना के की। क्या हमें उन्हें यह याद दिलाने की जरूरत है कि कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान भाजपा नेताओं के नेतृत्व वाली यात्राओं को कैसे रोका जाता था। (IANS इनपुट्स)

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