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पीओके में भारतीय कश्‍मीर के बराबर विकास करके दिखाओ… जी-20 पर पाकिस्‍तान को लगी मिर्ची तो एक्‍सपर्ट ने दिखाया आईना

इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान को इस बात पर मिर्ची लगी हुई है कि भारत मई में कश्‍मीर घाटी में जी-20 की एक मीटिंग करने वाला है। देश की सरकार अब भारत को ‘गैरजिम्‍मेदार’ तक करार दे रही है। भारत इस बार जी-20 की मेजबानी कर रहा है और सितंबर की शुरुआत में सम्‍मेलन होना है। पाकिस्‍तान को अब इस बात का बुरा लग रहा है कि घाटी में जी-20 देशों से आए मेहमानों का हुजूम लगने वाला है। वहीं पाकिस्‍तान के विशेषज्ञ देश की सरकार को आईना दिखा रहे हैं। अमेरिका में बसे पाकिस्‍तानी मूल के बिजनेसमैन साजिद तरार की मानें तो भारत ने जिस तरह से कश्‍मीर का विकास किया है, पाकिस्‍तान के लिए उसकी बराबरी करना ही नामुमकिन है।

कश्‍मीर में हर तरफ विकास
साजिद तरार ने एक यू-ट्यूब चैनल को दिए इंटरव्‍यू में कहा, ‘भारत की तरफ कश्‍मीर में जितना विकास हुआ है, यूएई के कई प्रोजेक्‍ट्स आ रहे हैं, मॉल बन रहे हैं, हॉस्पिटल्‍स बन रहे हैं, मेडिकल कॉलेज बनने के लिए निवेश हो रहा है, रेलवे का एक सबसे बड़ा पुल शुरू हुआ है और सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है।’ साजिद ने कहा कि पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में रहने वाले कश्‍मीरी तो इसे देखकर जलेंगे ही। उनकी मानें तो पाकिस्‍तान की सरकार को यह समझना होगा कि अब कश्‍मीर का एक हिस्‍सा 100 साल आगे जाने वाला है और पाकिस्‍तानी सरकार कुछ नहीं कर पाएगी।

कैसे रोकेंगे पीओके के लोगों को
उन्‍होंने पाकिस्‍तान की सरकार से सवाल किया कि जब पीओके के लोग दूसरी तरफ इतनी तेजी से विकास होता देखेंगे और वहां जाने की ख्‍वाहिश करेंगे तो फिर सरकार कैसे उन्‍हें रोकेगी? उन्‍होंने कहा कि भारत जिस तरह से कश्‍मीर का विकास कर रहा है और हाइवे का जाल बिछा रहा है, वह पाकिस्‍तान के लिए बड़ी मुश्किलें पैदा करने वाला है। साजिद ने कहा कि भारत ने बहुत कम समय में रेलवे का सबसे ऊंचा पुल बना लिया और हाइवे तेजी से बन रहे हैं। उन्‍होंने पाकिस्‍तान की सरकार को सलाह दी है कि जी-20 को भूलकर दूसरी तरफ हो रहे विकास पर ध्‍यान दे।
पाकिस्‍तान में आटे के बदले मौत
जब साजिद से पूछा गया कि पीओके में विकास करके क्‍या कुछ किया जा सकता है? इस पर उन्‍होंने जवाब दिया कि पाकिस्‍तान में इंसान की जिंदगी की कीमत बस 3100 रुपए हैं यानी आटे की कीमत जितनी। 28 लोग आटा खरीदने के लिए लाइन में लगते हैं और उनकी मौत हो जाती है। ऐसे में पाकिस्‍तान की सरकार कश्‍मीर में सड़क और रेलवे का पुल बना पाएगी, य‍ह तो सिर्फ एक सपना है जो हकीकत में बदलना मुश्किल है। साजिद ने कहा कि जिन्‍हें पाकिस्‍तान में सड़कें बनानी हैं उनके बच्‍चे लंदन में रहे हैं। लोग जनता का पैसा लूट रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान के रिटायर्ड जनरल, सरकार के लोग, रिटायर्ड जज और एलीट क्‍लास के लोग इस देश में ही नहीं रहना चाहते हैं।

पाकिस्‍तान को लगी मिर्ची
भारत की तरफ से जी-20 शिखर सम्मेलन का एक पूरा कैलेंडर पिछले दिनों जारी किया गया है। इस कैलेंडर के मुताबि‍क अप्रैल और मई में कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और पड़ोसी क्षेत्र लद्दाख में जी20 और यूथ20 की मीटिंग होनी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस कैलेंडर के बाद विवादित क्षेत्र में स्थानों की पसंद की निंदा की और बयान जारी किया। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘भारत का गैरजिम्मेदाराना कदम जम्मू-कश्मीर पर अपने अवैध कब्जे को कायम रखने वाले उपायों की सीरिज में नया कदम है।’

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