नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक को ब्रिटेन में भारतीय राजनयिक परिसरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए उनसे भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पीएम मोदी ने सुनक से गुरुवार को टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों की बातचीत में भारत और ब्रिटेन के द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। खासकर व्यापार और आर्थिक क्षेत्रों में साझेदारियों पर गहन चर्चा हुई। मोदी ने सुनक से यह भी जानना चाहा कि भारत से भागे आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया कहां तक आगे बढ़ी है। बातचीत में ब्रिटिश पीएम सुनक ने भारत की अध्यक्षता में जारी जी-20 के समारोहों के प्रति भरपूर समर्थन जताया। मोदी ने बैशाखी की पूर्वसंध्या पर सुनक को बधाई दी।
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने समकक्ष ऋषि सुनक से कहा कि ब्रिटेन में भारत विरोधी तत्वों का बेखौफ होकर कानून हाथ में लेना चिंताजनक है। उनका इशारा हाल के दिनों में खालिस्तानियों के हमलों की तरफ था। पीएम ने कहा कि ब्रिटेन को ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इस पर ब्रिटिश पीएम सुनक ने पीए मोदी को आश्वस्त किया कि ब्रिटेन में भारत के दूतावासों की सुरक्षा में कोई चूक नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह लंदन में जिस तरह भारतीय उच्चायोग पर हमला हुआ, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनक के सामने भारत से भागे आर्थिक अपराधियों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत में सरकारी खजाने को लूटकर लोग ब्रिटेन में छिप जाते हैं। मोदी ने सुनक से कहा कि ब्रिटेन ऐसे अपराधियों के जल्द से जल्द प्रत्यर्पित करे ताकि उन्हें भारत के कानूनों के तहत सजा दिलाई जा सके। दोनों प्रधानमंत्रियों की बातचीत में भारत-यूके रोडमैप 2030 पर लंबी बातचीत हुई।
उन्होंने दोनों देशों के बीच हाल में हुई उच्चस्तरीय बैठकों के साथ-साथ व्यापार एवं आर्थिक क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग पर संतोष जाहिर किया। दोनों ने भारत-ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते को जल्द से जल्द फाइनल करने पर बल दिया। ध्यान रहे कि दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर चर्चा तब हुई जब एक-दो दिन पहले ही अफवाह उड़ी कि भारत ने खालिस्तानी हमलों के मुद्दे पर ब्रिटेन के साथ ट्रेड डील रोक दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने ऐसे दावों का खंडन किया था। बहरहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम ऋषि सुनक को सितंबर 2023 में होने वाली जी-20 मीटिंग में शामिल होने का न्योता भी दिया। बदले में सुनक ने कहा कि उनका देश जी-20 की भारत की अध्यक्षता का समर्थन करता है। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से बातचीत करते रहने पर सहमति जताई।
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