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शासकीय सेवा का अर्थ है अधिक जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शासकीय सेवा का अर्थ है अधिक जिम्मेदारी। जन-सामान्य की सेवा, उनके कल्याण और विकास के कार्यों में गैर-जिम्मेदारी के लिए कोई स्थान नहीं है। यदि हम गैर-जिम्मेदार हुए, तो हम लोगों का नुकसान करेंगे और यह हक किसी को नहीं है। ऐसे कृत्य पाप की श्रेणी में आते हैं। आयुष विभाग लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है। भारतीय संस्कृति में निरोगी काया को पहला सुख माना गया है। पैरामेडिकल स्टॉफ ही इस विचार को चरितार्थ करता है। आपका दायित्व लोगों को सुखी बनाने से संबंधित है। ऐसी सेवा के अवसर भाग्यशाली लोगों को ही मिलते हैं। आप अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। राज्य सरकार की सफलता आपके प्रयासों में ही छिपी है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आयुष विभाग के अंतर्गत चयनित नव-नियुक्त पैरामेडिकल स्टॉफ को नियुक्ति-पत्र वितरित कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री निवास परिसर स्थित कार्यालय भवन में हुए कार्यक्रम में आयुष राज्य मंत्री श्री रामकिशोर नानो कावरे भी उपस्थित थे। राज्य मंत्री श्री कावरे ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का स्वागत औषधीय पौधा भेंट कर किया।

आयुष विभाग में हुई 332 नियुक्तियाँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आयुष विभाग के समूह-5 के पैरामेडिकल एवं स्टॉफ नर्स की संयुक्त भर्ती परीक्षा-2022 में चयनित अभ्यर्थियों को निुयक्ति-पत्र प्रदान किए। इसमें आयुर्वेद एवं यूनानी कम्पाउण्डर, स्टॉफ नर्स, आयुर्वेद फार्मासिस्ट, लेब एंड ओ.टी. टेक्नीशियन, क्षारसूत्र टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, भैषज्य कल्पक, पंचकर्म टेक्नीशियन, असिस्टेंट लेब टेक्नीशियन, पंचकर्म सहायक, लेब सहायक आदि के पदों पर 332 नियुक्तियाँ की गई हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रावीण्य सूची में आए अभ्यर्थियों को प्रतीकस्वरूप निुयक्ति-पत्र प्रदान किए।

भाषण देने नहीं, संवाद करने किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि चयन के बाद अपना दायित्व संभालने जा रहे कर्मचारियों को भाषण देने नहीं, संवाद करने के लिए आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री ने संवाद में कहा कि शासकीय सेवा को देखने के अलग-अलग दृष्टिकोण है। यह सेवा पक्की नौकरी की निश्चिंतता देती है। साथ ही हमें अपने दायित्व बोध के प्रति सजग रहना आवश्यक है। पैरामेडिकल स्टॉफ की जिम्मेदारी बहुत महत्वपूर्ण और संवेदनशील है। यह कार्य लोगों के जीवन को सुरक्षित रखने से संबंधित है। दुखियों की सेवा ही भगवान की सेवा है। पूरे मनोयोग से रोगियों की सेवा करें। सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने से ही अपने कार्य में आपको आनंद की अनुभूति होगी। उपचार में लगे चिकित्सकों और स्टॉफ को लोग भगवान मानते हैं। आप सबकी यश और कीर्ति दूर-दूर तक फैले यही मेरी कामना है।

निरंतर बढ़ रहा है आयुष का महत्व

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आयुष का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। आयुष से जुड़ी पैथियों में रोग को जड़ से समाप्त करने की क्षमता है। कोविड काल में आयुष की प्रतिष्ठा स्थापित भी हुई और उसका विस्तार भी हुआ है। राज्य में आयुष के क्षेत्र में शोध को प्रोत्साहित करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

जीवन को आनंद से जिये

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नवनियुक्त पैरामेडिकल स्टॉफ को बेहतर कार्य करने और जीवन प्रबंधन के टिप्स देते हुए कहा कि अपना टाइम टेबल बनाना, स्वयं के लिए समय निकालना, खान-पान का ध्यान रखना, प्रतिदिन व्यायाम करना, मित्रों से अच्छे संबंध रखना और उनके लिए समय निकालना तथा कार्य-स्थल का वातावरण सकारात्मक बनाए रखना जीवन को आनंद से जीने के लिए आवश्यक है।

आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रामकिशोर कावरे ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में प्रदेश आयुष और पंचकर्म के महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश के 22 जिलों में आयुष विंग का निर्माण किया गया है। जहाँ एक ही छत के नीचे आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की सेवा उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 10 जिलों में 50 बिस्तरीय अस्पताल भी स्थापित कर रहा है। शोध के क्षेत्र में भी प्रगति जारी है।

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