गौतम गंभीर और विराट कोहली- ये रिश्ता क्या कहलाता है? सोमवार को लखनऊ में विराट कोहली की टीम के जीत के बाद चर्चा उस मैच की नहीं, बल्कि गंभीर और कोहली के बीच हो रही, कहा-सुनी की हो रही है। मैंने जानबूझकर तू-तू मैं-मैं शब्द का इस्तेमाल करने से परहेज किया है। कौन सही और कौन गलत ये सिर्फ टीवी की उन तस्वीरों को देखने से पता नहीं चलता है, लेकिन कुछ बातें निश्चित तौर पर आपके जेहन में होंगी कि आखिर पंगा है तो क्या है?
शायद गंभीर भूल गए कि वो मेंटॉर हैं और ना कि कतर में लीजेंड्स लीग में खेल रहे हैं। ऐसी भूल बार-बार भूमिका बदलने से हो जाती है। आप किस वक्त सांसद हैं, किस वक्त कॉमेंटेटर और किस वक्त मेंटॉर और किस वक्त खिलाड़ी… ये किसी को भी कंफ्यूज कर सकता है। क्या गंभीर भी विराट से उलझने के समय अपने मन में सही भूमिका को लेकर चल रही उलझन का शिकार तो नहीं हो गए?