पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान मंगलवार को एक बार फिर से तोशखाना मामले में इस्लामाबाद की जिला एवं सत्र अदालत में पेश नहीं हुए, जबकि अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट रद्द करने से इनकार कर दिया है।
हाल ही में तोशखाना मामले में इस्लामाबाद पुलिस की एक टीम इमरान खान को गिरफ्तार करने के लिए उनके लाहौर स्थित आवास पर पहुंची थी। हालांकि, पुलिस ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष को गिरफ्तार किए बिना ही वापस लौट गई, क्योंकि इमरान खान ने पुलिस को 7 मार्च को अदालत में पेश होने का आश्वासन दिया था।
इमरान के वकील का दावा, अस्वस्थ हैं पूर्व प्रधानमंत्री
स्थानीय अखबार के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री के वकील शेर अफजल मारवत ने अदालत को बताया कि 70 वर्षीय इमरान खान अस्वस्थ थे और वजीराबाद हमले में घायल होने के बाद ‘अक्षम’ हो गए थे। ऐसे में वकील मारवत ने अदालत से सुनवाई के लिए अगले हफ्ते की तारीख देने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि वह एक या दो दिन के भीतर पावर ऑफ अटॉर्नी प्रदान करेंगे और पीटीआई प्रमुख की कानूनी टीम वर्तमान में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में है। बकौल वकील अगले हफ्ते इमरान खान के लिए जिला अदालत में पेश होना आसान होगा।
इसी बीच पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ECP) के वकील ने अनुरोध किया कि सुनवाई को 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी जाए, जिसे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के नेता मोहसिन शाहनवाज रांझा ने सही ठहराया।
इमरान खान पर क्या है आरोप?
अपनी संपत्ति की घोषणा में इमरान खान पर तोशाखाना से रखे गए उपहारों के विवरण को छिपाने का आरोप है। दरअसल, तोशाखाना एक भंडार है, जहां विदेशी अधिकारियों से सरकारी अधिकारियों को दिए गए उपहार रखे जाते हैं। अधिकारियों और सरकारी पद पर बैठे लोगों को कानूनी रूप से उपहारों को रखने की अनुमति है, बशर्ते वे पूर्व-निर्धारित राशि का भुगतान करें।