अंकारा: तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने रविवार को कहा कि इंटेलीजेंस एजेंसी ने इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू हुसैन अल-कुरैशी को सीरिया में ढेर कर दिया है। एर्दोगन ने टीआरटी तुर्क ब्रॉडकास्टर के साथ एक इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘इस व्यक्ति को कल सीरिया में तुर्की की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी की तरफ से चलाए गए एक ऑपरेशन में ढेर कर दिया गया है।’ एर्दोगन ने बताया कि खुफिया एजेंसी लंबे समय से कुरैशी का पीछा कर रही थी।
एक घंटे तक चला संघर्ष
सीरियाई स्थानीय और सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि हमला उत्तरी सीरिया के जंडारिस शहर में हुआ, जो तुर्की समर्थित विद्रोही समूहों द्वारा नियंत्रित है। छह फरवरी को आए भूकंप की वजह से यह जगह खासी प्रभावित हुई थी। सीरियन नेशनल आर्मी, जो एक विपक्षी गठबंधन है और इसकी क्षेत्र में सुरक्षा उपस्थिति है, उसकी तरफ से तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की गई है। एक निवासी ने कहा कि शनिवार से रविवार तक जंडारिस के किनारे पर संघर्ष शुरू हुआ। यह संघर्ष करीब एक घंटे तक चला और इसके बाद यहां पर निवासियों ने जोरदार विस्फोट की आवाज सुनी थी।
2014 से सीरिया पर कब्जा
बाद में इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया था ताकि कोई भी इलाके में दाखिल न हो सके। दक्षिणी सीरिया में ही एक ऑपरेशन में कुरैशी से पहले भी एक आईएस नेता को मारा गया था। इसके बाद आईएस ने नवंबर 2022 में अल-कुराशी को अपना नया नेता चुना था। इस्लामिक स्टेट ने साल 2014 में इराक और सीरिया के विशाल क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था। उस समय उसके सरगना अबू बकर अल-बगदादी ने पूरे क्षेत्र में एक इस्लामी खलीफा घोषित कर दिया था।
सीरिया और इराक में अमेरिकी समर्थित सेनाओं के साथ-साथ ईरान, रूस और कई अर्धसैनिक बलों की तरफ से मदद हासिल करने वाली सीरिया की सेनाओं ने कई अभियान चलाए। अभियानों के बाद आईएस ने इस क्षेत्र पर अपनी पकड़ खो दी। इसके शेष हजारों आतंकवादी हाल के वर्षों में ज्यादातर दोनों देशों के दूरदराज के भीतरी इलाकों में छिपे हुए हैं। हालांकि वे अभी भी बड़े हिट-एंड-रन हमलों को अंजाम देने में सक्षम हैं।