बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सीटों का बंटवारा हो गया है। बीजेपी 17 सीटों पर चुनाव में उतरेगी वहीं जदयू को 16 सीटें गठबंधन के तहत मिले हैं। बिहार एनडीए में 5 दलों को जगह दी गयी है। चिराग पासवान की पार्टी को 5 सीट, जीतन राम मांझी की पार्टी को एक सीट और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को भी एक सीट मिली है। केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की पार्टी को एनडीए की तरफ से एक भी सीट नहीं दी गयी है। लंबे समय से हाजीपुर सीट को चल रहे विवाद के बाद हाजीपुर की सीट चिराग पासवान के खाते में गयी है।
बीजेपी औरंगाबाद, मधुबनी, अररिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, महाराजगंज, सारण, उजियारपुर, बेगूसराय, नवादा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण से चुनाव लड़ेगी।
जदयू बाल्मिकीनगर, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सुपौल, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा, गोपालगंज, सिवान, भागलपुर, बांका, मुंगेर, नालंदा, जहानाबाद और शिवहर से चुनाव लड़ेगी।
लोजपा रामविलास के उम्मीदवार वैशाली, हाजीपुर,समस्तीपुर, खगड़िया, जमुई से लड़ेंगे लोकसभा चुनाव। जीतन राम मांझी की पार्टी हम के खाते में गया की सीट गयी है।
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को भी महज एक सीट से ही संतोष करना पड़ा है। कुशवाहा की मांग 3 सीटों की थी। 2014 के चुनाव में एनडीए में रहते हुए उन्हें तीन सीटें मिली थी। 2019 के चुनाव में वो महागठबंधन में शामिल हो गए थे।
केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस लंबे समय से अपनी पार्टी को ही असली लोजपा बताते रहे थे। उनकी मांग थी कि उन्हें एनडीए की तरफ से 5 सीटें दी जाए। हालांकि एनडीए की तरफ से उन्हें एक भी सीट नहीं दी गयी। चर्चा यह है कि पशुपति पारस को राज्यपाल बनने का ऑफर बीजेपी की तरफ से दिया गया है। वहीं मुकेश सहनी भी लंबे समय से एनडीए से सीट हासिल करने की जुगत में बताए जा रहे थे। हालांकि उनकी पार्टी की एनडीए में एंट्री नहीं हो पायी। ।