साहित्यकारों का सम्मान- माता सरस्वती और हमारी मातृभाषा हिन्दी का सम्मान है | अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह
अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह
हमारी 23 वाॅं.अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह दिनांक -18-फरवरी 2024.को भोपाल के आपूर्ति हाल में वरिष्ठ साहित्यकार शिक्षाविद् मध्यप्रदेश निराला सृजनपीठ के पूर्व निदेशक डा.देवेन्द्र दीपक जी की अध्यक्षता एवं रामायण केन्द्र के अध्यक्ष तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र.तीर्थ दर्शन एवं मेला प्राधिकरण भोपाल डा.राजेश श्रीवास्तव जी मुख्यअतिथि रहे तथा डा.प्रभा मिश्रा विशेष
अतिथि रहीं।।
मंचस्थ अतिथियों ने माॅं सरस्वती का पूजन अर्चन कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। बैतूल के साहित्यकार श्री गुरबक्स बुखारे जी ने सरस्वती वंदना का साजबाज सहित पाठ किया।
तुलसी साहित्य अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.मोहन मोहन तिवारी आनंद ने स्वागत भाषण के साथ अकादमी की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
मंचस्थ अतिथियों के स्वागत के बाद तुलसी साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित स्मारिका, डा.एन.एस. चौहान के काव्य संग्रह शुभ प्रेरणा, मधुलिका श्रीवास्तव के बाल काव्य संग्रह का लोकार्पण किया गया।
अब बारी थी अलंकरणों की जिसमें सर्वप्रथम मातृशक्ति को सम्मानित किया गया – परम् विदुषी निशा भार्गव नोएडा को रत्नावली शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया। इसके बाद श्रीमती रेखा लोढ़ा भीलवाड़ा को स्व.श्रीमती नंदा दीवान स्मृति रत्नावली सम्मान। श्रीमती शशि दीक्षित मृगांक सागर को स्व.श्रीमती जनक दुलारी तिवारी स्मृति रत्नावली सम्मान। श्रीमती ज्योति जैन इन्दौर को
श्रीमती विमला तिवारी स्मृति रत्नावली सम्मान,डा.प्रीति प्रसाद बिलासपुर को डॉ. उपासना सक्सेना स्मृति रत्नावली सम्मान। श्रीमती संगीता बनाफर बिलासपुर छत्तीसगढ़ को स्व.श्रीमती धापू बाई चौहान स्मृति रत्नावली सम्मान, डा.अनीता सिंह बिलासपुर को स्व.श्रीमती रीता भार्गव स्मृति रत्नावली सम्मान,
सुश्री शिल्पी दिवाकर भोपाल
श्रीमती कमल चंद्रा,भोपाल, श्रीमती सुधा दुबे, भोपाल,
डॉ. वंदना मिश्रा , भोपाल, डाॅ.रानू राठौर रूही, जबलपुर, श्रीमती विनीता पैगवार, जबलपुर, श्रीमती इंदु सिन्हा इन्दु, रतलाम, श्रीमती छाया त्रिवेदी, जबलपुर,
श्रीमती सारिका अनूप जोशी महेश्वरी जिला खरगोन को रत्नावली सम्मान से सम्मानित किया गया।
दूसरे क्रम में डा. खेमसिंह डेहरिया, कुलपति अटल बिहारी हिन्दी विश्वविद्यालय भोपाल तथा वरिष्ठ शिक्षाविद् पूर्व संयुक्त संचालक मध्यप्रदेश शासन शिक्षा विभाग
डॉ. राजेश तिवारी को तुलसी शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया।
कर्नल डा.गिरजेश सक्सेना भोपाल को स्व. श्री कृष्णदत्त द्विवेदी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, स्मृति तुलसी सम्मान , डा.प्रेमचंद्र पाण्डेय भागलपुर बिहार को उस्ताद शंकर लाल पटवा स्मृति तुलसी सम्मान, डा.रघुराज सिंह कर्मयोगी कोटा राजस्थान को स्व.श्री श्रीकिशन पटेल स्मृति तुलसी सम्मान, डा.राघवेन्द्र कुमार दुबे बिलासपुर छत्तीसगढ़ को स्व.श्री कन्हैयालाल तिवारी स्मृति तुलसी सम्मान,
श्री राजेन्द्र पाण्डेय बिलासपुर छत्तीसगढ़ को स्व.श्री रमेश तिवारी पत्रकार स्मृति तुलसी सम्मान , डा.विपुलश्रीवास्तव नई दिल्ली को स्व. डाॅ. चंद्रभूषण दीवान स्मृति तुलसी सम्मान,
डा. अनिल कुमार कोरी – जबलपुर,श्री रणजीत सिंह परिहार, छिंदवाड़ा, श्री मुजफ्फर इकबाल सिद्दीकी भोपाल, श्री बसंत कुमार शर्मा,जबलपुर, डॉ. सैयद मकबूल अली- जबलपुर, श्री राजीव जैन, भोपाल, श्री श्रीकांत जैन गुड़ा, मण्डी बामौरा जिला सागर, डॉ.प्रमोद शंकर सोनी,भोपाल, श्री अरविंद मिश्र, भोपाल,
श्री बिहारी लाल सोनी अनुज, भोपाल, को तुलसी सम्मान प्रदान कर अलंकृत किया गया।
मंचस्थ अतिथियों के उद्बोधन में मुख्य अतिथि डा.राजेश श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि एक भव्य आयोजन में एक साथ 18 महिला लेखिकाओं को रत्नावली सम्मान तथा 17 पुरुष से साहित्यकारों को तुलसी सम्मानों से अलंकृत किया जाना एक बहुत ही बड़ा श्रमसाध्य कार्य है जो तुलसी साहित्य अकादमी 23 वर्षों सतत् करती आ रही है। मैं संस्था के पदाधिकारियों को बधाई देता हूॅं।
अलंकरण समारोह के अध्यक्ष डा.देवेन्द्र दीपक ने अपने उद्बोधन में कहा कि साहित्यकारों का सम्मान माता सरस्वती का सम्मान है हिन्दी बांड्ग्मय का सम्मान है।
पुरस्कार और सम्मान रचनाकारों में नवीन उत्साह बढ़ाने के साथ साहित्यकार में जिम्मेदारी का एहसास बढ़ाने का कार्य करते हैं।
तुलसी साहित्य अकादमी विगत 23 वर्षों से यह सराहनीय कार्य करती आ रही जिनमें अहिन्दी भाषी प्रांतों के रचनाकारों का सम्मान करना हिन्दी को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट कार्य है जिसकी प्रशंसा की जानी चाहिए।
अंत में अकादमी के महासचिव डा.शिवकुमार दीवान ने सभी का आभार व्यक्त किया।
अंत में हमारे बीच से दिवंगत हुए डा.धनंजय वर्मा,नवल जायसवाल,डा.उपासना सक्सेना,कु.रिया शर्मा, पंवार राजस्थानी जीडा.कृपाशंकर तिवारी जी को श्रृद्धांजलि देकर दो मिनट का मौन रख कार्यक्रम समाप्त हुआ