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बब्बर खालसा से जुड़ा हरविंदर सिंह संधू आतंकी घोषित, दो आतंकी संगठनों पर भी बैन, जानें कौन-कौन है शामिल

नई दिल्ली : केंद्र ने शुक्रवार को दो समूहों पर प्रतिबंध लगा दिया और विध्वंसक और भारत विरोधी गतिविधियों के लिए एक व्यक्ति को आतंकवादी घोषित कर दिया। केंद्र ने ‘जम्मू एंड कश्मीर गजनवी फोर्स (जेकेजीएफ)’ पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसका गठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों के आतंकवादियों को लेकर किया गया है। सरकार ने खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) पर भी प्रतिबंध लगा दिया, जिसका उद्देश्य पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करना है।

हरविंदर सिंह संधू आतंकी घोषित
एक अलग अधिसूचना के अनुसार पाकिस्तान में रह रहे और बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंडा को आतंकवादी घोषित किया गया है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, जेकेजीएफ जम्मू कश्मीर में घुसपैठ प्रयासों, मादक पदार्थों एवं हथियारों की तस्करी, आतंकवादी हमले करने और सुरक्षाबलों को नियमित रूप से धमकियां देने मे शामिल रहा है। यह संगठन भारत के विरूद्ध आतंकवादी संगठनों से जुड़ने के लिए जम्मू कश्मीर के लोगों को उकसाने के वास्ते सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल भी करता रहा है।
जेकेजीएफ को आतंकवादी संगठन घोषित
मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जेकेजीएफ घुसपैठ की कोशिशों, मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी, केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादी हमलों और सुरक्षा बलों को धमकियां देने में शामिल रहा है। गृह मंत्रालय ने बताया कि जेकेजीएफ लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, तहरीक-उल-मुजाहिदीन, हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी और अन्य आतंकवादी संगठनों के आतंकवादियों को इस संगठन में शामिल करता रहा है। अधिसूचना के मुताबिक, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनयम (यूएपीए) के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जेकेजीएफ को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।

केटीएफ एक आतंकवादी संगठन : गृह मंत्रालय
केटीएफ 2011 में अस्तित्व में आया था, जो गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है। केटीएफ बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा संगठन है। गृह मंत्रालय ने बताया कि केटीएफ एक आतंकवादी संगठन है और इसका उद्देश्य खालिस्तान के एक अलग राज्य के गठन के अपने एजेंडे को प्राप्त करना है और पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करना है। यह संगठन भारत की क्षेत्रीय अखंडता, एकता, राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को चुनौती देता है।

पाकिस्तान में रह रहे और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंडा को आतंकवादी घोषित किया गया है। संधू को 2021 में पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हमले के षडयंत्रकर्ताओं में से एक माना जाता है। इंटरपोल ने उसके खिलाफ ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ भी जारी किया था। गृह मंत्रालय ने कहा कि जेकेजीएफ जम्मू-कश्मीर के लोगों को भारत के खिलाफ आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के वास्ते उकसाने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल कर रहा है।

मंत्रालय ने कहा कि इस आतंकवादी समूह ने देश में आतंकवाद के विभिन्न कृत्यों को अंजाम दिया है। जेकेजीएफ आतंकवाद विरोधी कानून के तहत गैरकानूनी घोषित किया जाने वाला 43वां समूह है। गृह मंत्रालय ने कहा कि हरविंदर सिंह संधू के पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के साथ सीधे संबंध हैं और वह बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों के अलावा हथियारों और गोला-बारूद की सीमा पार तस्करी में भी शामिल रहा है। मंत्रालय ने कहा कि वह पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और जबरन वसूली जैसी विभिन्न आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है।

सिंह अब सरकार द्वारा आतंकवादी घोषित किए जाने वाला 54वां व्यक्ति है। गौरतलब है कि पिछले महीने, केंद्र सरकार ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के दो प्रॉक्सी संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया था और चार व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया था। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रॉक्सी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट'(टीआरएफ) को पांच जनवरी को प्रतिबंधित समूह घोषित किया गया था। गृह मंत्रालय ने कहा कि टीआरएफ आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने, आतंकवादियों की भर्ती, आतंकवादियों की घुसपैठ और पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए ऑनलाइन माध्यम से युवाओं को शामिल कर रहा था।

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