2008 में UPA सरकार बचाने में अतीक ने निभाई थी अहम भूमिका, 48 घंटे के भीतर 6 सांसदों को जेलों से छोड़ा गया
नई दिल्ली: साल 2008 में जब तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार और अमेरिका के साथ उसके परमाणु समझौते पर संकट के बादल मंडरा रहे थे, तब गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद (Atiq Ahmad) ने सरकार बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह दावा एक पुस्तक बाहुबलीज ऑफ इंडियन पॉलिटिक्स : फ्रॉम बुलेट टू बैलट में किया गया है। विपक्ष की ओर से तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था और यूपीए सरकार और अमेरिका के साथ किया गया परमाणु समझौता दांव पर लग गया था। पुस्तक के अनुसार,तब अतीक सहित छह अपराधी सांसदों को 48 घंटे के भीतर विभिन्न जेलों से फर्लो पर छोड़ा गया था।
पुस्तक में कहा गया है, (विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर) मतदान से 48 घंटे पहले सरकार ने देश के कानून तोड़ने वालों में से छह को फर्लो पर जेल से बाहर निकाल दिया था, ताकि वे अपने संवैधानिक दायित्वों को पूरा कर सकें। इन बाहुबली सांसदों पर कुल मिलाकर अपहरण, हत्या, जबरन वसूली, आगजनी सहित 100 से अधिक मामले दर्ज थे।