भारतीय शेयर बाजारों के लिए पिछला हफ्ता काफी उथल पुथल भरा रहा। बाजार के दोनों सूचकांक करीब एक-एक प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। हफ्ते के शुरुआती दो सत्रों में बाजार में तेजी हुई, लेकिन अमेरिका में एक बार फिर से ब्याज दर बढ़ने की आशंका के चलते बाजार में बिकवाली शुरू हो गई और आखिरी के दो सत्रों से एफआईआई शुद्ध बिक्रेता बने हुए हैं।
पिछले हफ्ते की बात करें तो बीएसई सेंसेक्स 673.84 अंक या 1.12 प्रतिशत गिरकर 59,135.13 अंक पर और निफ्टी 181.45 अंक या 1.03 प्रतिशत गिरकर 17,412.90 अंक गिरकर बंद हुए हैं। हालांकि, मार्च में सेंसेक्स ने 0.30 प्रतिशत और निफ्टी 0.60 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
स्मॉल कैप, लॉर्ज कैप और मिड कैप इंडेक्स
बीएसई का मिडकैप इंडेक्स इस बार लगभग सपाट बंद हुआ है और लॉर्जकैप इंडेक्स 0.8 प्रतिशत के करीब गिरा है, जबकि स्मॉल कैप इंडेक्स ने हरे निशान में बंद हुआ है।
इसके अलावा एनएसई का रियल्टी इंडेक्स 3 प्रतिशत और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2.8 प्रतिशत की गिरावट हुई है। वहीं, दूसरी तरफ एनर्जी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 2 और 1.6 प्रतिशत की बढ़त हुई है
अमेरिका में ब्याज दरों पर निवेशकों की नजर
अमेरिका में ब्याज दर को लेकर मार्च में होने वाली फेड की बैठक पर निवेशकों की नजर है। मजबूत अमेरिकी जॉब डाटा के कारण आशंका लगाई जा रही है कि इस बार भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है।
बीएसई स्मॉल कैप इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। सीमेक, ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक, डीप पॉलीमर्स, सीक्वेंट साइंटिफिक, एशियन एनर्जी सर्विसेज, मैंगलोर केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स, डब्ल्यूपीआईएल और एसवीपी ग्लोबल टेक्सटाइल्स प्रत्येक में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, हालांकि हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस, जीआरएम ओवरसीज, आरपीजी लाइफ साइंसेज, ओरिकॉन एंटरप्राइजेज, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, होम फर्स्ट फाइनेंस कंपनी इंडिया में गिरावट हुई है।