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पुतिन की आस्तीन का सांप निकला पाकिस्तान! रूस का गेहूं खाकर यूक्रेन की बंदूकों में भर रहा गोलियां

इस्लामाबाद/कीव : रूस और यूक्रेन की जंग पिछले एक साल से चल रही है। इस दौरान पाकिस्तान यूक्रेन की सेना को गोला-बारूद सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में से एक के रूप में उभरा है। यह वही पाकिस्तान है जिसे मुश्किल वक्त में रूस से गेहूं और तेल जैसी अहम मदद मिलती रही है। जमीन पर मौजूद सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट बताती है कि युद्ध में रूसी सेना के ज्यादातर हल्के बख्तरबंद वाहन 12.7×99 एमएम आर्मर पियर्सिंग कार्ट्रिज का निशाना बने हैं जो पाकिस्तान की ओर से क्षेत्र में मौजूद यूक्रेनी और अन्य सशस्त्र समूहों को सप्लाई किए जा रहे हैं।

पाकिस्तान ने फील्ड गन और हॉवित्जर तोपों के लिए भी गोला-बारूद की सप्लाई की है जिसका इस्तेमाल रूस के खिलाफ यूक्रेन और नाटो सैनिक कर रहे हैं। सूत्रों ने द संडे गार्जियन को बताया कि टैंकों और मशीनों को टारगेट करने वाले हथियारों के गोला-बारूद के अलावा, पाकिस्तान से यूक्रेन को मिलने वाली मिलिट्री सप्लाई में 12.7×108 मिली की गोलियां भी शामिल हैं जो भारी मशीनगनों में इस्तेमाल की जाती हैं। इसके अलावा 40 एमएम राउंड्स जो रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड लॉन्चर में इस्तेमाल किए जाते हैं और मल्टीपल बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के लिए एम्युनेशन भी पाकिस्तान से आ रहे हैं।

पाकिस्तान ने क्या-क्या भेजा?

पाकिस्तान ने 130 एमएम और 155 गोले भी भेजे हैं जिनका इस्तेमाल फील्ड गन में किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, इन गोला-बारूद के अलावा पाकिस्तान सरकार ने 7.62×54 एमएम की गोलियां भी भेजी हैं जो राइफल और मशीन गन में इस्तेमाल होती हैं जो पारंपरिक रूप से रूस में बनाई गई हैं। 1991 तक सोवियत संघ का हिस्सा रहे यूक्रेन की तरफ से युद्ध में इस्तेमाल किए जा रहे लगभग सभी हथियार रूस में बने हैं।

रूस देता रहा गेहूं, पाकिस्तान भेजता रहा हथियार

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में जर्मनी के रास्ते समुद्री मार्ग से पाकिस्तान ने गोला-बारूद से भरे कम से कम 170 कंटेनर यूक्रेन भेजे हैं। सूत्रों ने कहा कि इस ट्रांसफर में नोडल अथॉरिटी ब्रिटेन का रक्षा मंत्रालय है। ये गोला-बारूद, जिनकी संख्या फिलहाल ज्ञात नहीं है, संभावना है कि पाकिस्तान ने अमेरिकी नेतृत्व वाले संघ यूक्रेन सुरक्षा सहायता पहल (USAI) के तहत भेजे हैं, जिसका उद्देश्य यूक्रेन को सैन्य सहायता मुहैया कराना है। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को बीते महीनों में रूस से गेहूं की कई बड़ी खेप मिल चुकी हैं लेकिन जंग में वह पुतिन के दुश्मन के साथ खड़ा है।

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