बेंगलुरु: सुनील छेत्री ने शुक्रवार को बेंगलुरु के श्री कांटेरेवा स्टेडियम में इंडियन सुपर लीग के पहले नॉकआउट मैच में केरला ब्लास्टर्स (Kerala Blasters) के खिलाफ बेंगलुरु एफसी के लिए गोल किया। इस गोल के बाद विवाद खड़ा हो गया। छेत्री ने यह गोल फ्री किक पर किया था और केरल के खिलाफ उस समय तैयार नहीं थे। लेकिन केरल के खिलाफ इसका विरोध कर रहे थे, क्योंकि उनका मानना था कि रेफरी ने सीटी नहीं बजाई थी। इसी वजह से वह तैयार नहीं थे।
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गोल दिए जाने के बाद केरला ब्लास्टर्स की टीम अपने मैनेजर इवान वुकोमनोविक के साथ मैदान से बाहर चली गई। टीम के कप्तान एड्रियन लूना ने गुस्से में अपना आर्मबैंड भी निकालकर फेंक दिया। 95 वें मिनट में केरल ब्लास्टर्स के वाइबिन मोहनन ने पेनल्टी बॉक्स के सामने सुनील छेत्री पर फाउल किया। इसके बाद बेंगलुरु को को फ्री-किक मिला था। केरला के खिलाड़ी मैदान पर वापस नहीं लौटे और बेंगलुरु को विजेता घोषित कर दिया गया। इस जीत के साथ ही बेंगलुरु एफसी ने लीग के सेमीफाइनल में भी अपनी जगह पक्की कर ली है।
सुनील छेत्री ने इसपर मैच के बाद कहा कि मैंने इसे अपने 22 साल के करियर में कभी नहीं देखा। यह करने का यह सही तरीका नहीं है। मैं हमेशा रेफरी से पूछता हूं क्योंकि अगर वह अनुमति नहीं देते हैं, तो ऐसा नहीं होगा। अभी तक केरला ब्लास्टर्स की तरफ से इसपर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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