उथप्पा ने पिछले कुछ साल में एमएस धोनी के नेतृत्व में सीएसके की निरंतरता की सराहना की और कहा कि यहां तक कि कुछ कोचों और कप्तानों को भी ऊपर जाकर प्रभावशाली कप्तान के साथ बातचीत करने की जरूरत है ताकि यह समझ सकें कि आईपीएल में घरेलू परिस्थितियों के अनुरूप टीमों को कैसे चुना जाए।
चेन्नई: आईपीएल 2023 में शुक्रवार को चेन्नई सुपरकिंग्स से हारने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद के कम से कम 8-10 युवा प्लेयर्स महेंद्र सिंह धोनी को घेरकर खड़े हो गए। भारत को दो-दो वर्ल्ड कप दिलाने वाले इस कप्तान ने भी नौनिहालों को निराश नहीं किया और अपने अनुभव साझा किए, जिसे सारे खिलाड़ी बड़ी ध्यान से सुन रहे थे। आईपीएल में सुपरस्टार क्रिकेटरों के साथ मैच के बाद युवा प्लेयर्स की बातचीत और मुलाकात कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह पहली बार था जब लगभग आधा विपक्षी स्क्वॉड किसी प्लेयर से मिलने ग्राउंड पर खड़ा हो गया हो।
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16वें सीजन के 29वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को सात विकेट से हराने के बाद और अवॉर्ड सेरेमनी से पहले धोनी ने अपना बेशकीमती समय निकाला। युवा प्लेयर्स के साथ-साथ सनराइजर्स हैदराबाद के फील्डिंग कोच और स्काउट हेमांग बदानी भी धोनी की बात सुन रहे थे। युवा भारतीय पेसर उमरान मलिक, अब्दुल समद पहचाने जा सकते हैं।
भारत के पूर्व बल्लेबाज और सीएसके का भी हिस्सा रहे रॉबिन उथप्पा ने अपने आईपीएल करियर के आखिरी पड़ाव में युवाओं से अनुभव बांटने के लिए धोनी की तारीफ की। उथप्पा ने जियो सिनेमा को बताया, ‘मुझे लगता है कि कुछ कोचों और कप्तानों को भी उनके पास जाना चाहिए और बात करनी चाहिए कि ऐसी कौन सी रणनीतियां हैं, जिन्हें अपनाकर माही इतने साल तक सफल बने हुए हैं। खासकर घरेलू परिस्थितियों में आपको किस तरह से टीम सेट करना है। बहुत सारी टीमें ऐसा नहीं कर रही हैं, कभी-कभी यह कोई दिमाग नहीं होता है।’
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