पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि हर राज्य में और हर दल में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, लेकिन साल 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने वाला दूर-दूर नजर नहीं आ रहा है। बिखरा हुआ विपक्ष नरेंद्र मोदी का मुकाबला कैसे कर सकता है।
उपेंद्र कुशवाहा गुरुवार की रात विरासत बचाओ नमन यात्रा के तहत जमुई पहुंचे। इस दौरान, बिहार के सीएम नीतीश कुमार के साथ-साथ राष्ट्रीय जनता दल पर हमलावर रहे। उन्होंने कहा कि वह इस संकल्प के साथ निकले हैं कि बिहार को साल 2005 से पहले वाली स्थिति में वापस नहीं लौटने देंगे।
प्रदेश में बढ़ रहा अंधाधुंध अपराध
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को बिहार की जनता ने जिस राजद को मिट्टी में मिलाकर सत्ता सौंपी थी, नीतीश कुमार ने पार्टी और राज्य को उसके ही हवाले कर दिया। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर हो गई है। हर दिन हत्या, अपहरण, यौन शोषण और लूट की घटनाएं बढ़ती जा रही है। ऐसा लग रहा है कि प्रदेश में अब अपहरण और आतंक का ही धंधा चलेगा।
कुशवाहा ने कहा कि चंद सलाहकारों की बातों में आकर मुख्यमंत्री ने अपने पैर पर खुद ही कुल्हाड़ी मार ली है। डील के तहत पार्टी और राज्य के साथ-साथ नीतीश कुमार ने राजनीतिक जायदाद को राजद के हाथों में सौंप दिया है। पहले वह पार्टी में हिस्सेदारी की बात किया करते थे, लेकिन मुख्यमंत्री के पास कुछ बचा ही नहीं तो हिस्सेदारी नहीं, अब मुकम्मल विरासत की बात करने निकले हैं। इस यात्रा को जनता का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है।
राजग में शामिल होने का सवाल टाल गए कुशवाहा
उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि वह विरासत बचाओ नमन यात्रा के क्रम में जेपी की कर्मभूमि तथा पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की जन्म और कर्म भूमि भी उन्हें नमन करने जाएंगे। अंत में शहीद जगदेव प्रसाद की जन्म और कर्म भूमि कुर्था में उनकी यात्रा का समापन होगा। हालांकि, कुशवाहा राजग में शामिल होने और एनडीए की ओर से सीएम पद की उम्मीदवारी जैसे सवालों को टाल गए। इस दौरान जदयू के कई नेताओं ने राष्ट्रीय लोक जनता दल का दामन थामा।