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ये कैसा ऑर्डर है? YSR सांसद को तेलंगाना HC से राहत पर बिफरा सुप्रीम कोर्ट, कहा- हमें यह स्वीकार नहीं

नई दिल्‍ली:सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तेलंगाना हाई कोर्ट को कड़ी फटकार लगाई। हाई कोर्ट ने वाईएस विवेकानंद रेड्डी की हत्या के आरोपी YSR कांग्रेस पार्टी के सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी की गिरफ्तारी पर 25 अप्रैल तक रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट का आदेश ‘नृशंस’ और ‘अस्वीकार्य’ है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने पूछा कि ‘HC ने यह किस तरह का आदेश पारित किया है?’ पीठ ने मृतक की बेटी सुनीता नरेड्डी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को निर्धारित की। हाई कोर्ट ने 18 अप्रैल आदेश पारित किया था। आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के भाई विवेकानंद रेड्डी की 15 मार्च, 2019 की रात को कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। लूथरा ने सुनीता नरेड्डी की ओर से दलील दी, ‘मेरे पिता की हत्या हुई थी, घटना काफी परेशान करने वाली थी…।’ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह उच्च न्यायालय की कार्यवाही पर रोक लगाएगी और वह आदेश पर भी रोक लगा सकती है।

मृतक की बेटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उनके वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि HC का ऑर्डर अनिवाश रेड्डी को हाउस गेस्‍ट की तरह रखने का निर्देश सीबीआई को देने जैसा है। उन्‍हें न सिर्फ गिरफ्तारी से प्रोटेक्‍शन दी गई, बल्कि एजेंसी से कहा गया कि लिखित में सवाल पूछे जिनके जवाब चाहिए। कडपा सीट से सांसद अविनाश ने 17 अप्रैल को हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।

क्राइम सीन के पास मिला सांसद के मोबाइल का लोकेशन

सीबीआई की तरफ से पेश वकील दविंदर पाल सिंह ने कहा कि आरोपी ने हत्‍या को हार्ट अटैक से मौत दिखाने की कोशिश की और मार्च 2019 में जल्‍दी-जल्‍दी में अंतिम संस्‍कार करवा दिया। उन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सांसद के फोन का सिग्‍नल हत्‍या के दिन क्राइम सीन के पास पाया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, ‘HC ने यह किस तरह का आदेश दिया है? हम HC के समक्ष कार्यवाही पर रोक लगाना चाहते हैं और सीबीआई को जांच पूरी करने के लिए 30 अप्रैल तक की मोहलत देते हैं।’

अविनाश रेड्डी की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट रंजीत कुमार ने कहा कि अदालत सुनवाई को सोमवार तक के लिए टाल दे जिससे उन्‍हें जवाब दाखिल करने का वक्‍त मिल सके। SC राजी हो गया लेकिन HC के आदेश में उस हिस्‍से पर रोक लगा दी जिसमें CBI को केवल लिखित में संदिग्‍ध से पूछताछ करने को कहा गया था।

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