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पूरे पैसिफिक को बना देंगे फायरिंग रेंज… उत्तर कोरिया ने फिर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, किम जोंग उन की बहन ने डराया!

सियोल : उत्तर कोरिया ने पिछले तीन दिनों में अपना दूसरा मिसाइल परीक्षण किया है। सोमवार को उसने अपने पूर्वी समुद्री क्षेत्र में कम दूरी की दो बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया जिससे क्षेत्र में अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास के मद्देनजर फिर से तनाव बढ़ने की आशंका है। उत्तर कोरिया इस अभ्यास को हमले की तैयारी के तौर पर देखता है। उत्तर कोरिया ने शनिवार को अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का परीक्षण किया था और उसने अमेरिका-दक्षिण कोरिया अभ्यास को लेकर कड़ी चेतावनी दी है।

अपने प्रतिद्वंद्वियों के साथ उत्तर कोरिया की बातचीत रुकी हुई है और अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट को लेकर दबाव बनाने के इरादे से वह अपनी सैन्य क्षमता में इजाफा कर रहा है। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने एक बयान में कहा कि दक्षिण कोरिया को सोमवार को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के उत्तर में पश्चिम तटीय शहर से दो मिसाइलों के परीक्षण का पता चला है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है और अमेरिका के साथ करीबी सहयोग में हर परिस्थिति को लेकर तत्परता बनाए हुए है।

किम जोंग उन की बहन ने दी चेतावनी

जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दोनों मिसाइल कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के समुद्री क्षेत्र में गिरीं। मंत्रालय ने कहा कि जापान इन परीक्षणों की निंदा करता है क्योंकि ये जापान एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा है। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन ने चेतावनी दी है कि परमाणु-हथियार संपन्न देश प्रशांत क्षेत्र को ‘फायरिंग रेंज’ में बदल सकता है। किम यो-जोंग ने रविवार को कोरियाई प्रायद्वीप पर अमेरिका की बढ़ती रणनीतिक उपस्थिति के खिलाफ चेतावनी दी है।

दक्षिण कोरिया भी विकसित करेगा परमाणु हथियार?

किम की बहन के कहा कि हम इसकी बारीकी से जांच कर रहे हैं कि यह हमारे देश की सुरक्षा पर क्या असर डालेगा। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया की तरफ से जारी बयान में किम यो-जोंग ने कहा, ‘प्रशांत क्षेत्र का फायरिंग रेंज के रूप में इस्तेमाल अमेरिकी सेना की कार्रवाई पर निर्भर करता है।’ उत्तर कोरिया के विनाशकारी हथियारों में हो रही वृद्धि को देखते हुए दक्षिण कोरिया को परमाणु हथियार संपन्न बनाने के विचार को मजबूत सार्वजनिक समर्थन हासिल है। एक सर्वे में 76 फीसदी लोगों ने कहा कि देश को परमाणु हथियारों की जरूरत है।

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