गुरुवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बतौर वित्त मंत्री गठबंधन सरकार का चौथा बजट पेश किया। हरियाणा के 2023-24 बजट की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस बार 1 लाख 83 हजार 950 रुपए का बजट में प्रस्ताव किया है।
आज गुरुवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बतौर वित्त मंत्री गठबंधन सरकार का चौथा बजट पेश किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विधानसभा में अपना चौथा बजट रखा।
हरियाणा के 2023-24 बजट की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस बार 1 लाख 83 हजार 950 रुपए का बजट में प्रस्ताव किया है। यह पिछले वर्ष की अपेक्षा 11.6% की वृद्धि है। खास बात ये कि इस बार हरियाणा के लोगों पर कोई नया टैक्स नहीं लगा है।
विधानसभा में सीएम खट्टर में अपने अभिभाषण से बजट पेश करने की शुरुआत की। सीएम खट्टर ने कहा हम अपनी उपलब्धियों को सूचित करते हुए नए हरियाणा के विकास की नई बुलंदियों पर लेकर जाएंगे। हरियाणा के लिए यह गर्व की बात है कि वर्ष विकास दर 7.1 रहने का अनुमान है। विजन 2030 हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सीएम खट्टर ने कहा कि हम एक ऐसा राज्य बनाना चाहते हैं जहां खेतों में पैदावार हो, विकास का पहिया घूमे, युवाओं में गर्व की भावना हो, महिलाएं सुरक्षित महसूस करें। सबका साथ सबका विकास का आदर्श इस बात को दर्शाता है कि विकास को हासिल करने में किसी को भी वंचित नहीं रहने देंगे। सीएम खट्टर ने कहा कि बजट का आधार जो प्राप्त न हो उसे प्राप्त करना, जो प्राप्त करना उसे संरक्षित करना और जो संरक्षित हो गया है उसे समानता के आधार आवंटित करना है।
हर वर्ग को बजट से क्या मिला?
आज सीएम खट्टर ने अपनी सरकार का चौथा बजट पेश किया। इस बजट में किसान से लेकर युवा सभी का ध्यान रखा गया है। आइए जानते हैं बजट में किस क्षेत्र को क्या मिला।
कृषि
- 20 हजार एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य ।
- चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार, हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान, जींद और सिरसा जिले के मंगियाना में प्राकृतिक खेती के 3 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- कृषि गतिविधियों में ड्रोन को अपनाने के लिए 500 युवा किसानों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- ढैचा की खेती के लिए सरकार 720 रुपये प्रति एकड़ की दर से लागत का 80 प्रतिशत वहन करेगी।
- ‘धान की सीधी बिजाई’ के अधीन 2 लाख एकड़ क्षेत्र लाने का लक्ष्य ।
- पराली की खरीद के लिए 1000 रुपये और पराली प्रबंधन से सम्बंधित खर्चों को पूरा के लिए नामित एजेंसी को 1500 रुपये प्रति टन देंगे।
- ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती के अधीन 1 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र लाने का लक्ष्य ।