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गरीबी में गीला पाकिस्तान का आटा! 20 अरब रुपए की ‘रोटियां’ खा गए सरकारी अधिकारी, भूख से मर रहे लोग

इस्लामाबाद : पाकिस्तान आटे की किल्लत से जूझ रहा है। सरकार की ओर से बांटे जा रहे मुफ्त आटे के लिए किलोमीटरों लंबी लाइनें लग रही हैं। इन केंद्रों पर मचने वाली भगदड़ में कई लोग जान भी गंवा चुके हैं। इस बीच खबर है कि पाकिस्तान सरकार की मुफ्त आटा वितरण योजना से 20 अरब रुपए का गबन किया गया है। यह दावा किया है पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और राजनीतिक पार्टी पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता शाहिद खाकान अब्बासी ने। लाहौर में एक समारोह को संबोधित करते हुए अब्बासी ने कहा कि देश का सिस्टम ‘इतना भ्रष्ट और पुराना’ हो चुका है कि यह काम नहीं कर सकता।

जियो टीवी की खबर के अनुसार पाकिस्तानी नेता ने कहा, ‘भ्रष्ट अधिकारियों की पहचान की जाएगी लेकिन आज के समय में हमें ईमानदार अधिकारियों की तलाश है।’ अब्बासी ने पूछा कि रमजान के दौरान गरीबों को मुफ्त आटा बांटने के लिए सरकारों की तरफ से आवंटित 84 अरब रुपए की सब्सिडी में से गरीबों को क्या मिला। उन्होंने आरोप लगाया ‘सरकार की मुफ्त आटा योजना में से 20 अरब रुपए से ज्यादा की चोरी की गई है।’ उनके आरोपों का जवाब देते हुए केंद्र और पंजाब की कार्यवाहक सरकार ने उनके दावों को खारिज कर दिया।

सरकार ने खारिज किए आरोप

पाकिस्तान की सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा कि रमजान के दौरान पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, सिंध और इस्लामाबाद में लाखों गरीबों को पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ मुफ्त आटा मुहैया कराया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद विभिन्न शहरों में आटा वितरण केंद्रों का दौरा किया। इतना ही नहीं मरियम औरंगजेब ने इस ऐतिहासिक योजना को सफल बनाने के लिए मुफ्त आटा वितरण में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के प्रयासों तारीफ भी की।

माफी मांगें शाहिद खाकान अब्बासी

दूसरी ओर पंजाब के कार्यवाहक सूचना मंत्री आमिर मीर ने भी अब्बासी के आरोप को खारिज करते हुए कहा, ‘मुफ्त आटा योजना में एक पैसे का भी भ्रष्टाचार नहीं हुआ है।’ उन्होंने कहा कि मुफ्त आटा योजना पंजाब के इतिहास में सबसे सफल योजना रही है और ‘पंजाब के 3 करोड़ पात्र लोगों को सब्सिडी का लाभ मिला।’ आमिर मीर ने कहा, ‘आटा सब्सिडी को पार्टी की आंतरिक राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है। शाहिद खाकान अब्बासी को या तो माफी मांगनी चाहिए या सबूत देना चाहिए।’

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