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पवन खेड़ा को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत; तीनों FIR की सुनवाई होगी एक ही जगह

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा गिरफ्तारी का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंचा। इस दौरान पवन खेड़ा के वकील अभिषेक मनु सिंघवी और असम पुलिस ने कोर्ट के समक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश की।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की गिरफ्तारी का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां पर उन्हें बड़ी राहत मिली है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को अंतरिम राहत दी है। साथ ही तीनों एफआईआर की सुनवाई एक ही जगह पर करने का फैसला सुनाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने असम पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस को कांग्रेस नेता की एफआईआर को एकसाथ करने के लिए नोटिस जारी किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को 28 फरवरी दिन मंगलवार तक अंतरिम राहत देने का निर्देश दिया।

आसान शब्दों में आपको समझाएं तो असम पुलिस फिलहाल पवन खेड़ा को गिरफ्तार करके असम नहीं ले जा सकती है। हालांकि, असम पुलिस पवन खेड़ा का मेडिकल करा चुकी थी। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर पवन खेड़ा पर वाराणसी, लखनऊ और असम में एफआईआर दर्ज है। इन तीनों एफआईआर को क्लब करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट में पवन खेड़ा का पक्ष वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने रखा। उन्होंने याचिका के माध्यम से कोर्ट को जानकारी मुहैया कराई है। साथ ही कोर्ट से पवन खेड़ा को अंतरिम राहत देने का अनुरोध किया।

‘पवन खेड़ा की फिसली थी जुबान’

सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि पवन खेड़ा की जुबान फिसल गई थी और यह एक गलती थी। इसके लिए पवन खेड़ा ने माफी मांग ली थी। इसी बीच असम पुलिस की ओर से पेश वकील ने बताया कि पवन खेड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है और ट्रांजिट रिमांड के लिए एक कोर्ट में पेश किया जाएगा।

क्या होती है अंतरिम जमानत?

पवन खेड़ा को 28 फरवरी तक के लिए अंतरिम जमानत मिली है। ऐसे में आप लोगों के ज़हन में अंतरिम जमानत को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे होंगे, तो आपको बता दें कि कुछ समय तक के लिए मिलने वाली जमानत को अंतरिम जमानत कहते हैं।

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