क्या लोकसभा चुनाव टल सकते हैं?
केंद्रीय चुनाव आयोग के आयुक्त अरुण कुमार गोयल का इस्तीफा राष्ट्रपति द्वारा स्वीकार करने के बाद लोकसभा चुनाव टलने की आशंका व्यक्त की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में इलेक्ट्रोल बांड को लेकर एसबीआई के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हो रही है। इलेक्टोरल बांड के तार केंद्रीय चुनाव आयोग से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।केंद्रीय चुनाव आयोग में केवल अब राजीव कुमार ही चुनाव आयुक्त के रूप में काम कर रहे हैं।केंद्रीय चुनाव आयोग में तीन आयुक्त होते हैं, दो पद खाली हैं। क्या एक अकेला चुनाव आयुक्त लोकसभा का चुनाव करा सकता है। इसकी संवैधानिक स्थिति पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बैंक आफ इंडिया और केंद्रीय चुनाव आयोग को फरवरी माह में इलेक्टोरल बांड को असंवैधानिक करार करते हुए,जो आदेश दिया था। उसमें अवमानना की कार्रवाई केंद्रीय चुनाव आयोग और स्टेट बैंक दोनों के ऊपर हो सकती है। यह सारी स्थिति सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर होगी।
इसके अलावा चीन की सीमा पर बड़ी मात्रा में सैनिकों की तैनाती होने से चुनाव टलने की आशंका व्यक्त की जा रही है। माना जा रहा है, पाक अधिकृत कश्मीर और चीन की सीमा पर जिस तरीके का तनाव बना है। उसको देखते हुए भी लोकसभा का चुनाव टलने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जम्मू कश्मीर से बड़ी संख्या में सेना और अर्धसैनिक बलों को चीन की सीमा पर तैनात कर दिया गया है। इसके बाद लोकसभा का चुनाव टलने की आशंकाएं जन्म लेने लगी हैं। केंद्रीय चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक हलचल तेजी के साथ बढ़ गई है। विधि विशेषज्ञों का कहना है, जिस तरह के हालात वर्तमान में बन गए हैं। यदि केंद्र सरकार चाहेगी, तो चुनाव को कुछ समय के लिए टाल भी सकती है। सरकार केंद्रीय चुनाव आयुक्त के 2 रिक्त पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है। उसके बाद चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है। ऐसी अनिर्णय की स्थिति इसके पहले कभी नहीं रही। जैसी अब बन गई है।
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