हवाई यात्रा और अधिक होगी आसान | डिजी सर्विस वो सेवा है जो यात्रा को सुगम
14 एयरपोर्ट पर शुरु होगी डिजी सेवा
हवाई यात्रा और अधिक होगी आसान, 14 एयरपोर्ट पर शुरु होगी डिजी सेवा
नई दिल्ली| हवाई यात्रा को आसान बनाने वाली डिजी सर्विस अब देश के 14 एयरपोर्ट पर शुरु होने जा रही है। फिलहाल ये सेवा 13 एयरपोर्ट पर पर दी जा रही है। बात दें कि डिजी सर्विस वो सेवा है जो यात्रा को सुगम बनाती है और आपका समय बचाती है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय का कहना है कि इस साल डिजी यात्रा सर्विस को चेन्नै, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, मोपा गोवा, पटना, डाबोलिम गोवा, इंदौर, बागडोगरा, चंडीगढ़, रांची, नागपुर, रायपुर, श्रीनगर और विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर भी शुरू की जाएगी। मार्च के अंत तक सबसे पहले चेन्नै एयरपोर्ट पर यह सिस्टम शुरू किया जाएगा। इसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। अब तक डिजी यात्रा सर्विस 13 एयरपोर्ट पर चल रही है। उनमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, वाराणसी, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, विजयवाड़ा, कोच्चि, अहमदाबाद, लखनऊ, गुवाहाटी और जयपुर एयरपोर्ट शामिल हैं। अब इस सर्विस को दो गुना किया जा रहा है।
मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में डिजी यात्रा ऐप को 45.80 लाख मोबाइल फोन में डाउनलोड किया जा चुका है। दिसंबर 2022 में दिल्ली, बेंगलुरु और वाराणसी एयरपोर्ट से शुरू की गई डिजी यात्रा मौजूदा समय में 13 एयरपोर्ट पर चल रही है। अब तक इन एयरपोर्ट पर इस सर्विस का लाभ उठाने वाले यात्रियों की संख्या करीब 1.45 करोड़ हो गई है। डिजी यात्रा सर्विस की सफलता को देखते हुए ही इसका बड़े स्तर पर विस्तार किया जा रहा है। डिजी यात्रा सर्विस का फायदा कैसे?डिजी यात्रा सर्विस में यात्री को फ्लाइट पकड़ने के लिए टर्मिनल बिल्डिंग में एंट्री करने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ता। एक बार इसकी सर्विस लेने के बाद यात्री का चेहरा ही बोर्डिंग पास बन जाता है। टर्मिनल के एंट्री गेट पर लगा डिजी यात्रा सिस्टम यात्री के फेस को पहचानते हुए उनकी एंट्री के लिए गेट खोल देता है। बस इसके लिए यात्री को एक बार इस सिस्टम में अपनी लेटेस्ट फोटो और आईडी प्रूफ के साथ रजिस्टर्ड करना होता है।
क्या है डिजी यात्रा सेवा?
डिजी यात्रा भारत सरकार की एक पहल है जो यात्रियों को हवाई यात्रा को अधिक सुविधाजनक और सुगम बनाने के लिए चेहरे की पहचान (एफआरटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करती है। यह सेवा यात्रियों को हवाई अड्डे पर लंबी कतारों में खड़े होने और दस्तावेजों को बार-बार दिखाने की आवश्यकता से बचाती है।