किसान आंदोलन में शुभकरण की मौत | कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रोप लगाया कि मोदी सरकार ने अब तक 750 किसानों की जान ले ली है
किसान आंदोलन में शुभकरण की मौत: सीएम भगवंत मान बोले पोस्टमार्टम के बाद दर्ज होगी एफआईआर
किसान आंदोलन में शुभकरण की मौत: सीएम भगवंत मान बोले पोस्टमार्टम के बाद दर्ज होगी एफआईआर
विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर कई दिनों से किसान आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच पुलिस और किसानों के बीच कई बार झड़प भी हुई है। इसी झड़प खनौरी बॉर्डर पर 21 साल के एक किसान शुभकरण की मौत हो गई। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि शुभकरण के पोस्टमार्टम के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस का जो भी अधिकारी शुभकरण की मौत के लिए जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि खनौरी बॉर्डर पर बठिंडा के युवा किसान शुभकरण सिंह की फ़ायरिंग से मृत्यु बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अब तक 750 किसानों की जान ले ली है।
शुभकरण सिंह की उम्र करीब 22 साल थीं। वह दो बहनों का एकलौता भाई था, जिनके पिता चरणजीत सिंह स्कूल वैन ड्राइवर हैं और मां की पहले ही मौत हो चुकी है। शुभकरण सिंह के पास खुद की साढे 3 एकड़ जमीन है। इसके अलावा उन्होंने कुछ जानवर भी पाले हुए थे। शुभकरण के पीछे अब उसके पिता , दादी और दो बहनें हैं। एक बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। जबकि दूसरी छोटी बहन की शादी का जिम्मा शुभकरण पर ही था। शुभकरण सिंह 2 साल जब दिल्ली में किसान आंदोलन हुआ था तो उसमें भी किसान यूनियन की तरफ से शामिल हुआ था। भारतीय किसान एकता सिद्धपुर यूनियन से ताल्लुक रखने वाला शुभकरण सिंह बीती 13 फरवरी को दिल्ली की तरफ किसानों के साथ कूच करते हुए खनौरी बॉर्डर पर पहुंचा था। किसान नेताओं की माने तो शुभकरण सिंह ने बुधवार को आंदोलन वाली जगह पर सुबह का नाश्ता भी खुद अपने साथियों की मदद से बनाया था। किसानों ने बताया बताया कि शुभकरण सिंह ने अपने साथियों से यह भी कहा साथ में खाना खा लो आगे न जाने कब साथ बैठने का या खाना खाने का मौका मिले।